संभल हिंसा के मास्टरमाइंड जफर अली का जेल से रिहा होते ही फूल-मालाओं से स्वागत, निकाला गया भव्य जुलूस
स्वदेशी टाइम्स, मुरादाबाद; जब भी कोई बड़ा काम करता है या फिर कोई बड़ा खिताब जीतता है तो उसका स्वागत फूल मालाओं से किया जाता है, लेकिन अब आरोपियों के जेल से छूटने के बाद भी ऐसा ही स्वागत हो रहा है. संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और जामा मस्जिद के सदर जफर अली के साथ भी ऐसा ही हुआ है. 131 दिन बाद मुरादाबाद जेल से रिहा होने पर जफर अली के समर्थकों ने नारे लगाने के साथ फूल मालाओं और आतिशबाजी से उसका स्वागत किया.
स्वागत के बाद निकाला जुलूस
संभल की शाही जामा मस्जिद इंतजामियां कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट के मुरादाबाद जेल से रिहा होते ही फूल मालाओं से उसका गला भर दिया गया, इसके बाद फिर उसे कंधे पर उठाकर कार तक ले गए. उसके बाद जफर अली खुली जीप में सवार होकर वहां से 10 गाड़ियों के काफिले के साथ मुरादाबाद संभल तक 42 किलोमीटर लंबा रोड शो करने निकला. इसके बाद जगह-जगह उसका स्वागत हुआ और पटाखे फोड़े गए. इस दौरान जफर भी खुली जीप से हाथ लहराते हुए नेताओं की तरह अभिनंदन स्वीकार करता हुए दिखा.
जफर ने लोगों से की ये अपील
सूत्रों के अनुसार जफर अली के आने की सूचना पर 3000 से ज्यादा लोग जुट गए थे. जफर अली ने कहा कि अल्लाह के शुक्र से और आप लोगों की दुआओं से मैं जेल से छूटकर वापस आ गया हूं. अब अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, जमकर लड़ेंगे, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है. संभल की जनता को संबोधित करते हुए जफर अली एडवोकेट ने कहा कि अमन शांति बनाए रखें, कुछ ऐसा ना कहें जिससे किसी को भी दिक्कत हो.
पूरा मामला
जफर अली को कोतवाली संभल में दर्ज केस 335/24 में जेल भेजा गया था. संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा में बड़ी संख्या में जमा हुए लोगों में से हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी. इस दौरान उग्र भीड़ ने कई गाड़ियां भी फूंक दीं, इस मामले में तीन महिलाओं और जफर अली समेत कुल 96 आरोपियों को जेल भेजा गया.
