उत्तर प्रदेश को मिला नया मुख्य सचिव, SPG कवर बना पॉलिटिक्स से ब्यूरोक्रेसी तक चर्चा का केंद्र
स्वदेशी टाइम्स, उत्तरप्रदेश; एसपी गोयल यूपी में ब्यूरोक्रेसी के नए बॉस हैं. मनोज सिंह को रिटायर होने के बाद उनको राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. एसपी गोयल के चीफ सेक्रेटरी बनने के बाद यूपी की ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव हो सकते हैं. उनके दाहिने हाथ को भी पता नहीं होता है कि बायां हाथ क्या कर रहा है, ये कहावत उनके बारे में बड़ी ही मशहूर है. वह लो प्रोफ़ाइल रह कर काम करते हैं. मीडिया से दूर रहते हैं और विवादों से बचते हैं. यूपी में ब्यूरोक्रेसी गुटों में बंटी है. लेकिन इनमें बैलेंस बना कर काम करने का हुनर एसपी गोयल में खूब हैं. इसीलिए तो पिछले आठ सालों से यूपी के सीएम ऑफिस में वह अंगद की तरह जमे रहे और चीफ सेक्रेटरी बन कर ही बाहर निकले.
किस IAS को मिलेगा SPG वाला कवर?
एसपी गोयल का पूरा नाम शशि प्रकाश गोयल है. राजनीति से लेकर ब्यूरोक्रेसी में लोग उन्हें SPG कह कर बुलाते है. अब इस SPG कवर के लिए यूपी के IAS अफ़सरों में होड़ मची है. जिस अधिकारी को SPG वाला कवर मिल जाता है उसकी किस्मत चमक जाती है. जिस IAS पर उनकी मेहरबानी हुई वह रॉकेट बन जाता है. एसपी गोयल के मुख्य सचिव बनने के बाद कई बड़े विभागों से प्रमुख बदले जा सकते हैं. इससे पहले कई मौकों पर चीफ सेक्रेटरी और सीएम ऑफिस में टकराव हुआ. पर आगे अब ऐसा नहीं होगा. सीएम के अपर मुख्य सचिव रहते हुए उन्होंने अपनी पसंद के अफसरों को वहां रख लिया था
एसपी गोयल कैसे बने CM योगी के करीबी?
यूपी में जो भी चीफ सेक्रेटरी रहे उनको लेकर एक चर्चा कॉमन रही. वे या तो दिल्ली की पसंद के हैं या फिर लखनऊ की. मनोज सिंह योगी के करीबी रहे तो उससे पहले डी एस मिश्रा पर केंद्र का आशीर्वाद रहा. इसीलिए रिटायर होने पर भी उन्हें कई बार सेवा विस्तार मिला. पर एसपी गोयल ने तो दिल्ली और लखनऊ दोनों को साध रखा है. योगी के सीएम बनने से पहले उनका उनसे कोई कनेक्शन नहीं था. दिल्ली की पसंद बनकर गोयल सीएम ऑफिस आए. फिर अपने हुनर से वह योगी के सबसे करीबी अधिकारी बन गए. यूपी के वह इकलौते सीनियर IAS हैं, जिन्होंने दिल्ली और लखनऊ का बैलेंस बना रखा है.
एसपी गोयल कैसे करते हैं काम?
एसपी गोयल के बारे में कहा जाता है कि वह खाना ठंडा कर खाते हैं. वह कोई भी फैसला जल्दबाज़ी में नहीं लेते हैं. मतलब जिनसे उनकी नहीं बनी उन्हें वह प्यार से किनारे लगा देते हैं. इसीलिए जो IAS अधिकारी उनकी गुड बुक में नहीं है उनकी तो हालत खराब है. पता नहीं एसपी गोयल ने उनके लिए क्या योजना बना रखी है. गोयल कैंप जो अधिकारी अब तक साइडलाइन थे उनकी तो बस चल पड़ी.
