बाल वाटिका के लिए 53 करोड़ की शिक्षण सामग्री स्वीकृत, गतिविधि कैलेंडर जारी

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स्वदेशी टाइम्स, लखनऊ : यूपी में बाल वाटिका के बच्चों की शिक्षण सामग्री के लिए 53 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग ने 52 सप्ताह का गतिविधि कैलेंडर भी जारी कर दिया है। आगे पढ़ें और जानें पूरा अपडेट…

उत्तर प्रदेश में पहले से चल रहे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र व नई शुरू हुई बालवाटिका के बच्चों को पठन-पाठन से जुड़ी पर्याप्त शिक्षण सामग्री मिलेगी। शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) ने 53074 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र व बालवाटिका के लिए 53 करोड़ स्वीकृत किए हैं।

इसके तहत बच्चों के प्रयोग के लिए कलर पेंसिल, एचबी पेंसिल, शार्पनर, इरेजर, कलर्ड चॉक, हिंदी वर्णमाला, अंग्रेजी अल्फाबेट आदि लिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन केंद्रों के लिए 52 सप्ताह का गतिविधि कैलेंडर जारी करते हुए तीन से छह साल के बच्चों को पढ़ाई के निर्देश दिए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सभी बीएसए को निर्देश दिया गया है कि एआरपी, एसआरजी व डायट मेंटर अपने निर्धारित सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में इसको लागू करेंगे। वहीं शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्षता वाली कमेटी होगी। वहीं जिला समन्वयक प्रशिक्षण की ओर से इसका अनुश्रवण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि नोडल शिक्षक संकुल विद्यालय परिसर के आंगनबाड़ी केंद्रों व बालवाटिका का बेहतर संचालन सुनिश्चित कराएंगे।

बच्चों की पूरी यूनिफॉर्म में लगेगी फोटो

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि विद्यालयों में पूरी यूनिफॉर्म में सबसे अधिक उपस्थित रहने वाले छात्र का एक पूर्ण यूनिफॉर्म में फोटो फ्लेक्स पर प्रिंट कराकर कक्षा के बाहर लगाया जाना सुनिश्चित कराएं। इससे संबंधित व्यय विद्यालय की कंपोजिट ग्रांट से वहन किया जाएगा। इससे अन्य बच्चे भी यूनिफार्म में आने के लिए प्रेरित होंगे।

23 को मनाया जाएगा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस

प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि इसका उद्देश्य बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूक करना है। इस दिन विशेष सभा, प्रदर्शनी, कार्यशाला व वैज्ञानिकों से संवाद भी आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा है कि एनसीईआरटी की ओर से इसके लिए ऑनलाइन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।

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