पांच साल में 3000 लोगों का धर्मांतरण, अब कराई जा रही घर वापसी; नेपाल सीमा से सटे गांवों की कहानी

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स्वदेशी टाइम्स, पीलीभीत : पीलीभीत जिले में नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण का खेल पांच वर्षों से चल रहा है। ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी के मुताबिक पांच वर्षों में करीब तीन हजार लोगों का धर्मांतरण हुआ था। इनमें एक हजार लोगों की घर वापसी कराई जा चुकी है।

पीलीभीत जिले में नेपाल बॉर्डर से सटे गांवों के ग्रामीणों की कमजोर आर्थिक स्थिति, अशिक्षा और अंधविश्वास का फायदा ईसाई मिशनरियों ने उठाया। रुपये, सरकारी योजनाओं का लाभ और प्रार्थना से बीमारी से निजात दिलाने का झांसा देकर बड़े स्तर पर धर्मांतरण कराया। धनराशि और स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर ग्रामीणों ने प्रार्थना सभा में जाना बंद किया तो उन्हें परेशान किया गया। मारपीट और अन्य तरीकों से प्रताड़ित किया गया। पुलिस-प्रशासन भले ही धर्मांतरण के दावों को झुठलाता रहा, लेकिन हाल ही में दर्ज हुए मुकदमे और घर वापसी कार्यक्रम इसकी गवाही दे रहे हैं। सोमवार को राघवपुरी में 61 परिवारों की घर वापसी कराई गई।

पीलीभीत जिले की सीमा नेपाल से सटी है। बैल्हा, टाटरगंज उर्फ सिंघाड़ा, वमनपुरी आदि करीब 12 ग्राम सभाओं में करीब 22 हजार की आबादी रहती है। इन ग्राम पंचायतों में अधिकांश आबादी राय सिख की है। शारदा पार इलाके में आने वाली इन ग्राम सभाओं में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बाढ़-कटान प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से खेती-किसानी भी प्रभावित रहती है। शिक्षा का स्तर पर काफी कम है। बॉर्डर से सटे गांवों के ग्रामीणों की इन समस्याओं का फायदा इसाई मिशनरियों ने उठाया और बड़े स्तर पर धर्मांतरण का खेल खेला गया।

पांच वर्षों में तीन हजार लोगों का धर्मांतरण 

वर्ष 2020 से अब तक करीब 3000 सिखों का धर्मांतरण कराया गया। बैल्हा कमेटी गुरुद्वारा के अध्यक्ष जरनैल सिंह और सचिव परमजीत सिंह के प्रयासों से सिख समाज के लोग सक्रिय हुए। जांच के बाद ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल एवं लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने फरवरी 2025 में कार्यक्रम कर आयोजन कर लोगों की घर वापसी कराई। सोमवार को राघवपुरी में हुए समारोह में भी 61 परिवारों की घर वापसी कराई गई है।

अब तक 1000 लोगों की घर वापसी

लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने मंगलवार को लखनऊ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की। बताया कि पीलीभीत में नेपाल बार्डर से सटे गांवों के 1000 लोगों की घर वापसी कराई जा चुकी है। इसके साक्ष्य भी हैं। घर वापसी के प्रयास जारी है। बताया कि धर्मांतरण की बड़ी वजह कमजोर आर्थिक स्थिति, अशिक्षा और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

मिशनरियों के निशाने पर थारू जनजाति

हरपाल सिंह जग्गी ने बताया कि पीलीभीत के राय सिखों के अलावा लखीमपुर खीरी में गौरीफंटा, चंदन फाटक, तिकुनिया, निघासन आदि इलाकों में थारुओं का धर्मांतरण कराया गया। सिखों और थारुओं को पास्टर बना दिया गया। यह लोग दो तरह की सभा लगाते हैं। शनिवार को सभा लगाते हैं। दूसरे दिन थारुओं और हिंदुओं की सभा लगाते हैं।

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