गुवाहाटी: पवन खेड़ा पर कसता शिकंजा, कोर्ट से नहीं मिली राहत

पवन खेड़ा

स्वदेशी टाइम्स, गुवाहाटी: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में दायर की गई थी।

क्या है मामला?

रिनिकी भुइयां सरमा ने 6 अप्रैल को पवन खेड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 अप्रैल को नई दिल्ली और गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खेड़ा ने उनके खिलाफ गलत और निराधार बयान दिए।

खेड़ा ने दावा किया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास एक से अधिक पासपोर्ट, गोल्डन कार्ड और विदेशों में संपत्ति है, जिसका उल्लेख चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।

खेड़ा पर क्या आरोप हैं?

इस बयान के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • चुनाव से जुड़े भ्रामक बयान
  • धोखाधड़ी
  • जालसाजी
  • मानहानि
  • शांति भंग करने के आरोप

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि पवन खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उनके मामले पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके पूर्व आदेश का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा की ट्रांजिट बेल बढ़ाने और स्टे हटाने की मांग को ठुकरा दिया था।

पहले क्या हुआ था?

इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस आदेश पर रोक लगा दी और खेड़ा को असम की अदालत में जमानत के लिए आवेदन करने को कहा।

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