बेटियां फिर निशाने पर: काशी में छोड़े गए 9 नवजातों में 7 लड़कियां
स्वदेशी टाइम्स, वाराणसी: वाराणसी जिले में रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में नवजात छोड़कर लोग चले जा रहे हैं। पिछले एक साल में नौ केस सामने आ चुके हैं। इनमें सात लड़कियां शामिल हैं।
वाराणसी जिले में एक साल के भीतर 9 नवजात लावारिस हालत में मिले हैं। इनमें 7 बेटियां भी हैं। इनके परिजन इन्हें रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में छोड़कर लापता हो जा रहे हैं। इन बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर रानी रामकुमारी वनिता विश्राम गृह में रखा गया है। यहां कुल 16 बच्चे हैं, जिनमें 11 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं।
मुगलसराय स्टेशन पर पटना-वाराणसी मेमू ट्रेन में 4 महीने के बच्चे को कोई सीट के नीचे छोड़ गया। रोने पर यात्रियों को जानकारी मिली। जीआरपी ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंपा। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के जज के निर्देश पर बच्चे को अनाथालय लाया गया।
केस तीन
कबीरचौरा अस्पताल में एक बच्ची को उसके परिजन प्री-मैच्योर अवस्था में पैदा होते ही बेड पर छोड़कर चले गए। उस समय बच्ची का वजन मात्र एक किग्रा था। अब वह एक साल की हो गई है। उसका ख्याल चाइल्ड लाइन के लोग रख रहे हैं। अब बच्ची ठीक है।
क्या बोले अधिकारी
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के जज के सामने बच्चों को पेश कर अनाथालयों में रखवाया जाता है। यहां उनके रहने, खाने-पीने से लेकर सभी सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है।
