पिता की चिता को आग देने के बाद जवान बेटे की मौत, मंजर देख मां चली गई सदमे में- मामा ने बताई पूरी आपबीती

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उन्नाव : सेवानिवृत्त शिक्षा विभाग के कर्मचारी की अचानक हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए स्वजन शव को घाट पर ले गए। वहां पुत्र ने पिता को मुखाग्नि दी ही थी तभी उसकी अचानक तबियत खराब हो गई। स्वजन उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर ले गए वहा उसकी भी माैत हो गई।पहले पति फिर बेटे की मौत से मां समेत अन्य स्वजन का हाल बेहाल है। राजकीय इंटर कालेज चमरौली से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी पद्यमनाथ त्रिवेदी पत्नी आशा और इकलौते बेटे शोभित त्रिवेदी के साथ लोकनगर में रहते थे। 31 मई की रात पद्यमनाथ को अचानक घबराहट हुई तो पत्नी आशा और पुत्र शोभित उन्हें जिला अस्पताल ले गए। वहां उन्हें भर्ती किया गया। चेस्ट फिजीशियन डा. शोभित अग्निहोत्री ने ब्रेन स्ट्रोक की संभावना जता स्वजन को एलएलआर कानपुर ले जाने की सलाह दी।

18 साल थी बेटे की उम्र

स्वजन एलएलआर ले जाते उसके पहले ही उनकी मौत हो गई। दूसरे दिन एक जून को इकलौते बेटे 18 वर्षीय शोभित ने शुक्लागंज गंगातट पर पिता को मुखाग्नि दे अंतिम संस्कार किया। चिता पूरी जल भी नहीं पाई थी कि घाट पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। साथ रहे लखनऊ निवासी मामा श्रीप्रकाश अवस्थी उसे पहले जिला अस्पताल ले गए फिर वहां से लेकर ट्रामा सेंटर लखनऊ ले गए।

पति और बेटे की मौत से सदमे में पहुंची आशा

मामा ने बताया कि ट्रामा सेंटर पहुंचने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिवंगत शोभित का अंतिम संस्कार दो जून को लखनऊ में किया गया। पहले पति फिर बेटे की मौत के सदमे से आशा की मानसिक स्थित ठीक न देख श्रीप्रकाश अपनी बहन को लेकर लखनऊ चले गए। जिला अस्पताल के डा. शोभित अग्निहोत्री ने बताया कि पिता-पुत्र दोनों को देखा था। ब्रेन स्ट्रोक था। लेकिन वह गर्मी के कारण हुआ या नहीं यह नहीं कहा जा सकता है। क्यों कि ब्रेन स्ट्रोक केे कई कारण होते हैं।  

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