छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचा युवक, कार्रवाई न होने से टूटा मनोबल; आत्महत्या के बाद एसआई पर कार्रवाई की संस्तुति

Spread the love
स्वदेशी टाइम्स, हल्द्वानी: Haldwani में एक युवक की आत्महत्या से जुड़े मामले में जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने तत्कालीन चोरगलिया थाना प्रभारी एवं वर्तमान एसओजी प्रभारी एसआई राजेश जोशी को गंभीर कदाचार और घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। साथ ही पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिए जाने की भी सिफारिश की गई है।

मामला वर्ष 2024 का है, जब गौलापार क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उसका भाई अपनी पत्नी के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की घटना की शिकायत लेकर चोरगलिया थाने पहुंचा था। आरोप है कि वहां उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और उसे अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिला।

परिजनों के अनुसार थाने में मौजूद एक पुलिसकर्मी की कथित टिप्पणी से युवक मानसिक रूप से आहत हो गया था। घटना के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगा और कुछ दिनों बाद उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि बाद में शिकायत दर्ज कराने पहुंची उसकी पत्नी को भी बार-बार थाने के चक्कर लगाने पड़े और तहरीर में बदलाव का दबाव बनाया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों और साक्ष्यों का परीक्षण किया। प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि युवक की अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना मिलने के बावजूद मामले को आवश्यक संवेदनशीलता और गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित परिवार को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला और उनके अधिकारों की भी अनदेखी हुई।

प्राधिकरण ने माना कि तत्कालीन थाना प्रभारी अपने पद की जिम्मेदारियों के अनुरूप संवेदनशील और जवाबदेह व्यवहार करने में विफल रहे। इसे गंभीर कदाचार और घोर लापरवाही की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि मामले में नामजद अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं माने गए।

आदेश में एसआई राजेश जोशी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इसमें चेतावनी, वेतन कटौती या अन्य प्रशासनिक दंड शामिल हो सकते हैं। साथ ही पीड़ित परिवार को प्रतिकर प्रदान करने की भी अनुशंसा की गई है। प्राधिकरण ने अपने आदेश की प्रति संबंधित विभागों को भी भेज दी है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *