स्वदेशी टाइम्स, पटना : बुधवार, 15 अप्रैल को लोकभवन में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके शपथ लेते ही कई राजनीतिक रिकॉर्ड भी बन गए। वे बिहार में भाजपा से पहले मुख्यमंत्री बने हैं। इसके साथ ही वे उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जो उपमुख्यमंत्री पद से सीधे मुख्यमंत्री बने हैं। इससे पहले 1967 में कर्पूरी ठाकुर उपमुख्यमंत्री बने थे और बाद में 1977 में मुख्यमंत्री बने थे। इस तरह लगभग 59 साल बाद यह उदाहरण फिर सामने आया है।
शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में जदयू के दो नेताओं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव—ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पहली बार है जब जदयू से किसी नेता को उपमुख्यमंत्री पद मिला है। शपथ से पहले विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा था कि यह जिम्मेदारी उनके भरोसे का परिणाम है और वे पूरी निष्ठा के साथ बिहार की सेवा करते रहेंगे।
बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों में कई बार ऐसा देखा गया है जब मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री बदले गए या नए बनाए गए। इस दौरान तेजस्वी यादव, विजय कुमार सिन्हा, रेणु देवी, तारकिशोर प्रसाद और सुशील मोदी जैसे नेता उपमुख्यमंत्री रहे हैं। इनमें सुशील मोदी का कार्यकाल सबसे लंबा माना जाता है, जो 2013 से 2020 तक रहा।