संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़, मौनी अमावस्या पर आस्था का अद्भुत दृश्य

स्वदेशी टाइम्स, प्रयागराज : माघ मेला 2026 का सबसे महत्वपूर्ण और भव्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी संगम और आसपास के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है। लाखों-लाख भक्त ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखकर स्नान-दान करने से पापों का नाश होता है और विशेष पुण्य प्राप्ति होती है। कल (शनिवार) ही करीब 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, जबकि आज का दिन मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे दिन 3 करोड़ से ज्यादा भक्त संगम में डुबकी लगा सकते हैं। अब तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह से ही 50 लाख से अधिक लोगों ने पवित्र स्नान पूरा कर लिया है।

प्रशासन की मजबूत तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था

मेला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक भीड़ को संभालने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं:

– 3.5 किलोमीटर से अधिक लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है, जिसमें 7 सेक्टरों में अलग-अलग घाट बनाए गए हैं।
– श्रद्धालुओं को निकटतम घाट पर पहुंचने की अपील की गई है।
– सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध: जल पुलिस, NDRF, SDRF, PAC फ्लड कंपनी, गोताखोर और UP ATS कमांडो सहित हजारों पुलिसकर्मी तैनात हैं।
– AI-सक्षम कैमरे, ड्रोन और सीसीटीवी से हर कोने पर नजर रखी जा रही है।
– संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने मौके पर सुरक्षा का जायजा लिया। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, उसी अनुसार व्यवस्था मजबूत की जाती रहेगी। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने भी पुष्टि की कि स्नान सुचारु रूप से चल रहा है और भक्तों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

प्रयागराज डीएम मनीष कुमार वर्मा और मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्साह देखते ही बन रहा है। रिफ्लेक्टिव टेप और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की मदद से भक्तों को सही रास्ता दिखाया जा रहा है।

घाट पर भक्तों की भारी भीड़, पवित्र डुबकी और सुरक्षा व्यवस्था के जीवंत नजारे पेश करती हैं। मौनी अमावस्या का यह पावन अवसर न केवल पापों से मुक्ति देता है, बल्कि आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का संचार भी करता है।

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