Uttarakhand: Book Sellers की दुकानों पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने की छापेमारी

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स्वदेशी टाइम्स, हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में जिला प्रशासन,शिक्षा विभाग और जीएसटी विभाग द्वारा (Book Sellers) की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस दौरान बिल न दिए जाने सहित आईएसबीएन नंबर की जांच की गई। जिसमें पाया गया कि विक्रेताओं के द्वारा कई किताबें बिना ISBN नंबर की बेची जा रही है। इसके अलावा अभिभावकों को पक्का बिल भी नहीं दिया जा रहा है।

“अभिभावकों पर महंगी किताबें और कॉपियां खरीदने का दबाव”

दरअसल, प्रशासन को शिकायतें मिल रही थी कि निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें और कॉपियां खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो स्कूल प्रशासन खास बुक स्टोर्स से ही किताबें खरीदने की शर्त रख रहे हैं। जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म हो रही है और अभिभावकों को ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही हैं। इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों से आवश्यक दस्तावेज भी मांगे और जांच पड़ताल की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बुक विक्रेता या स्कूल जबरन महंगी किताबें बेचने या खरीदने के लिए बाध्य करता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

“अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए प्रशासन ने उठाया सख्त कदम”

वहीं,शिक्षा विभाग ने बताया कि स्कूलों में भी 5 टीमें बनाकर चेकिंग की जा रही है। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बुक सेलर्स के यहां तीन टीमें बनाकर अलग-अलग छापेमारी की जा रही है। दरअसल, हल्द्वानी में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इसी कड़ी में प्रशासनिक टीम ने शहर के बड़े बुक सेलरों की दुकानों में छापेमारी की। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई के नेतृत्व में शहरी क्षेत्रों में तो वहीं एसडीएम परितोष वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में की छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान बुक स्टोर्स का निरीक्षण किया गया।

इस मामले पर जब अभिभावकों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूलों की मनमानी चरम पर है और इसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना  स्कूलों से किताबों की जो लिस्ट उन्हें दी गई है, वे किताबें कुछ खास दुकानों पर ही उपलब्ध हैं।

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