बड़ा भाई अमित देहरादून में मजदूरी करता है। सुमित गांव में अपनी दोनों बहन नीतू और पूजा के साथ रहता था। चाचा प्यारे देखरेख करते हैं। चाचा ने बताया कि सोमवार की रात आठ बजे करीब सुमित खाना खाकर घर से निकला था। इसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा तो गांव में उसकी तलाश शुरू की।
घर से 200 मीटर की दूरी पर खेत में मिली लाश
सुमित का कहीं कोई अता पता नहीं लग सका। मंगलवार की सुबह नौ बजे करीब घर से 200 मीटर की दूरी पर गांव के ही कल्लू के धान के खेत में सुमित का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। खेतों पर गए ग्रामीणों की नजर पड़ी तो भीड़ लग गई।
पास ही पड़ी थीं चप्पल
सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक मोहित चौधरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। छात्र का गला कटा हुआ था। पास ही चप्पल पड़ी थीं और खून का बिखरा था। बराबर वाले खाली खेत में खून से सना मेडिकल गिलब्स पड़ा था।
इससे स्पष्ट है कि हत्या खेत में ही की गई और हत्यारों से बचने के लिए सुमित काफी संघर्ष किया था। वहीं मृतक के चाचा प्यारे और ग्रामीणों के अनुसार सुमित सीधा था। उसका किसी से झगड़ा भी नहीं हुआ। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली है। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।