‘प्लीज रोक लो, कोई सरकार से कहो…’, आगरा के मर्चेंट नेवी इंजीनियर की चीन में अंतिम संस्कार की सूचना पर चीख पड़ी पत्नी

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स्वदेशीटाइम्स, आगरा। समुद्री जहाज की मरम्मत के काम के दौरान चीन में दिल का दौरा पड़ने से हुई  इंजीनियर अनिल श्रीवास्तव की मौत के बाद स्वजन की उनके अंतिम दर्शन करने और भारत की मिट्टी में अंतिम संस्कार करने की उम्मीद खत्म होती जा रही है। चीन में रहने वाली भारतीय महिला नम्रता उपाध्याय ने अनिल की पत्नी अंजुलता को पार्थिव देह का अंतिम संस्कार चीन में किए जाने की तैयारी होने की जानकारी दी है।

पार्थिव शरीर की हालत खराब होने का हवाला देकर चीन वहीं अंतिम संस्कार कराने के लिए कह रहा है। अंजुलता ने सरकार से किसी भी कीमत पर चीन में पति का अंतिम संस्कार न होने देने की अपील की है। जानकारी मिलने के बाद वो डर के कारण ढंग से बोल भी नहीं पा रही हैं। पूरे परिवार की हालत बुरी हो गई है।

12 जून को दिल का दौरा पड़ने से चीन में हो गई थी मौत

चार माह पूर्व फरवरी में शाहगंज के चाणक्य पुरी के रहने वाले अनिल कुमार श्रीवास्तव मर्चेंट नेवी की ड्यूटी करने गए थे। वो ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट कंपनी में मुख्य अभियंता थे। 12 जून को उनकी दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। चीन में रहे वाली भारतीय महिला नम्रता उपाध्याय परिवार के संपर्क में थी और पार्थिव शरीर भारत प्रत्यर्पण कराने के लिए चीन के शंघाई में भारतीय दूतावास के संपर्क में थीं।

अनिल की पत्नी अंजुलता श्रीवास्तव ने बताया कि 15 दिन में दो हजार से ज्यादा लोगों को फोन कर मदद मांग चुकी हैं। अभी भी लगातार मेल, एक्स (ट्विटर) पर गुहार लगा रही थी। शुरू में आश्वान मिले पर अब दूतावास,विदेश मंत्रालय और पीएमओ सभी जगह से कोई जवाब नहीं दे रहा है।

शिप कंपनी के लोग भी उनके फोन और ई-मेल का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब बूढ़ी सास और दोनों बच्चों को संभालने की हिम्मत नहीं बची है। आंखों के आंसू दिल में कैद रखना अब मुश्किल हो गया है।  वक्त या तो किसी से मदद मांगने या फिर किसी को जानकारी देने में बीत रहा है।

चीन से आए फोन ने मचा दिया परिवार में भूचाल

अंजुलता असहाय होने की उलझन, हड़बड़ाहट और दुःख में बेसुध हो गई हैं। चीन में उनकी मदद करने वाली महिला नम्रता उपाध्याय ने दोपहर तीन बजे उन्हें जानकारी दी कि पति के पार्थिव शरीर की हालत खराब होने के कारण चीन सरकार वहीं अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर रही है। कल या परसों चीन में ही अंतिम संस्कार हो जाएगा। इसके बाद उनकी हिम्मत टूट गई।

बात करते समय हड़बड़ाहट बोल रही हैं कि चीन वाले इनका वहीं अंतिम संस्कार करने जा रहे हैं। प्लीज रोक लो, कोई सरकार से कहो जहाज का किराया वो दे देंगी बस उन्हें यहां ले आए। अन्तिम संस्कार किए जाने की जानकारी के बाद पूरे परिवार का रो – रोकर बुरा हाल है।

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