Uttarakhand में 12 नवंबर से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण, 4 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम सूची

स्वदेशीटाइम्स , देहरादून : उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ ही निर्वाचन विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईवीएम-वीवीपैट (EVM-VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी दी गई।

प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 12 नवंबर 2026 से शुरू होगा। इसके तहत 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी होगी।

23 अक्टूबर से शुरू होगी EVM-VVPAT की जांच

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 से सभी जिलों में ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की जाएगी।

इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच सुनिश्चित करना है।

12 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान फॉर्म-6 के 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इसी दिन ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

दावे और आपत्तियों के लिए 11 दिसंबर तक समय

निर्वाचन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 28 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी।

निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

फॉर्म-7 आवेदन को लेकर भी निर्धारित की गई सीमा

निर्वाचन विभाग ने फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए भी सीमा निर्धारित की है। दी गई जानकारी के अनुसार, दावे और आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन दे सकता है। वहीं, मतदाता सूची अपडेट होने की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता एक महीने में अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन दे सकता है।

उत्तराखंड में SIR के बाद मतदाता सूची में कितने नाम?

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इस सूची के अनुसार, प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज थे।

इससे पहले 6 जनवरी 2025 को जारी मतदाता सूची में 84,29,459 मतदाता दर्ज थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान 17,05,130 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 4,01,276 नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए।

पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान

SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे पात्र लोगों को अवसर देने के लिए 8 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया गया था। अब 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू होने जा रहा है।

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं को सूची में नाम शामिल कराने का अवसर देना है।

महत्वपूर्ण नोट: उपलब्ध विवरण में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या और पुराने-नए मतदाताओं के आंकड़ों में गणितीय अंतर दिखाई देता है। प्रकाशन से पहले इन आंकड़ों की आधिकारिक निर्वाचन विभाग की अधिसूचना से पुष्टि कर लें।