Udhamsingh Nagar में दशहरे के 24 घंटे में 11 लोगों की मौत, सड़क हादसों पर SSP ने दिए 15 दिन के अभियान के निर्देश

स्वदेशी टाइम्स , रुद्रपुर : उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में दशहरा पर्व के दौरान कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर, दिनेशपुर और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए लोग भी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, पुलिस ने संबंधित मामलों की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिले में हुई मौतों को लेकर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने प्रतिबंधित समय में शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों की जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों को सहायता दिलाने की मांग की है।

दशहरे की खुशियों के बीच कई परिवारों में पसरा मातम

जिले में एक ओर लोग दशहरा और दुर्गा पूजा के मेले का आनंद ले रहे थे, तो दूसरी ओर अलग-अलग हादसों ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। पुलिस के मुताबिक, 11 मौतों में छह मामले सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित हैं। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद 11 शवों में से नौ लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होने की बात कही।

मौतों के आंकड़ों को लेकर पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बयानों में अंतर सामने आया है। ऐसे में सभी मामलों की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

दशहरा मेला देखकर लौट रहे परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

रुद्रपुर की मॉडल कॉलोनी निवासी बलजीत सिंह अपनी पत्नी गुरमीत कौर और बेटे के साथ दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गावा चौक पर रेलवे फ्लाईओवर से नीचे आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 44 वर्षीय गुरमीत कौर की मौत हो गई।

बलजीत सिंह का परिवार मूल रूप से पंजाब के मोगा का रहने वाला है। त्योहार के दिन हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

डिवाइडर से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत

शिमला पिस्तौर क्षेत्र में भी सड़क दुर्घटना में दो युवकों की जान चली गई। दिनेशपुर के मोतीपुर वार्ड नंबर दो निवासी 18 वर्षीय सुजल पुत्र सुबल और 25 वर्षीय समीर मंडल पुत्र सहदेव मंडल बाइक से किच्छा की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है।

खराब खड़े ट्रक से बचने की कोशिश में गई युवक की जान

चंदोला होम्योपैथी कॉलेज के सामने सड़क किनारे खराब हालत में खड़े ट्रक से बचने की कोशिश में एक बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक पर 32 वर्षीय लालता प्रसाद पुत्र प्रेमशंकर निवासी पाश्तौर, बरेली (उत्तर प्रदेश) अपने साथी जंगबहादुर पुत्र प्रेमराज के साथ बहेड़ी की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक की चपेट में आने से लालता प्रसाद की मौत हो गई, जबकि जंगबहादुर दूर जा गिरने से घायल हो गए। घटना के बाद सड़क किनारे खराब वाहनों की मौजूदगी और यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दुर्गा पूजा का मेला देखने गए युवक की सड़क हादसे में मौत

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप स्थित अरविंद नगर वार्ड नंबर पांच निवासी 28 वर्षीय दिशांत सरकार पुत्र रंजीत सरकार दुर्गा पूजा का मेला देखने दिनेशपुर के हरिदासपुर गए थे।

बताया गया कि रात करीब 10 बजे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। त्योहार के दौरान हुई इस घटना से परिवार में शोक छा गया।

नवजात बेटे के जन्म की खुशी के बीच रघुवीर की मौत

गदरपुर क्षेत्र में 28 वर्षीय रघुवीर पुत्र मूलचंद की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनके घर बेटे का जन्म हुआ था और वह सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती परिवार के एक सदस्य के लिए खाना लेकर जा रहे थे।

इसी दौरान गदरपुर में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रघुवीर की जान चली गई। घर में नवजात के आगमन की खुशी थी, लेकिन दुर्घटना ने परिवार को गम में डुबो दिया।

अन्य घटनाओं में भी चार लोगों की मौत

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के अलावा अन्य घटनाओं में भी लोगों की जान गई। इनमें शामिल हैं:

  • नरी राम: शांतिपुरी के वार्ड नंबर चार निवासी 55 वर्षीय नरी राम पुत्र भवानी राम ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके तीन बच्चे हैं और तीनों की शादी हो चुकी है।

  • श्याम सुंदर: ट्रांजिट कैंप निवासी 52 वर्षीय श्याम सुंदर हुंडई शोरूम में पेंटिंग का काम कर रहे थे। बताया गया कि काम के दौरान छत से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई।

  • राजपाल शरण: बाजपुर के बैरिया निवासी 61 वर्षीय राजपाल शरण की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

  • नवीस: खटीमा के कंजाबाग निवासी 32 वर्षीय नवीस पुत्र शिवचरण का शव लालपुर में सड़क किनारे मिला। वह लालपुर में किराये पर रहते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान

लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने एसपी क्राइम एवं ट्रैफिक को सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

इस अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और काले शीशे वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी अजय गणपति के मुताबिक, जिले में हुई 11 मौतों में छह मामले सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें 207 वाहन सीज किए गए। इनमें 137 बिना नंबर प्लेट वाली बाइक शामिल थीं।

सर्दियों और कोहरे को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर जोर

पुलिस ने सर्दियों और कोहरे के मौसम को देखते हुए वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगवाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि कम दृश्यता के दौरान वाहन आसानी से दिखाई दे सकें।

इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली, भूसे की ट्रॉली और गन्ने की ट्रॉली के आवागमन का समय निर्धारित करने तथा भारी वाहनों पर लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया है। दीपावली से पहले यातायात व्यवस्था को लेकर अभियान और तेज करने की बात भी कही गई है।

राजेश शुक्ला बोले- भारी वाहनों की जवाबदेही तय हो

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने जिले में हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस में 11 शवों का होना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में नौ लोगों की मौत होने की बात कही।

राजेश शुक्ला के अनुसार, कुछ दुर्घटनाओं में प्रतिबंधित क्षेत्र और प्रतिबंधित समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश की बात सामने आई है। उन्होंने प्रशासन से यह जांच कराने की मांग की कि प्रतिबंध के बावजूद बड़े वाहन शहर में कैसे पहुंचे और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि चालक की लापरवाही से किसी निर्दोष की जान जाने पर पूरा परिवार प्रभावित होता है।

राजेश शुक्ला ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री से आग्रह कर प्रभावित परिवारों को यथासंभव सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे।

सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग

दशहरे के दौरान ऊधम सिंह नगर में हुई मौतों के बाद यातायात नियमों के पालन, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने विशेष अभियान के जरिए लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी की है।

वहीं, जनप्रतिनिधियों ने दुर्घटनाओं के कारणों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है। अब पुलिस जांच और विशेष अभियान के दौरान होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।