IIT Suicide: आईआईटी में आत्महत्या के मामले बढ़े, काउंसलिंग सिस्टम पर सवाल
स्वदेशी टाइम्स, कानपुर: आईआईटी कानपुर में आत्महत्या करने वाले छात्र का शव दो दिन तक कमरे में पड़ा रहा, लेकिन आईआईटी प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब कमरे से दुर्गंध आने लगी तब छात्रों की शिकायत के बाद छात्र का शव मिलना आईआईटी प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कानपुर में नौ प्रोफेशनल काउंसलर, 24 घंटे की ऑनलाइन हेल्पलाइन, डी-एडिक्शन क्लीनिक और हर 30 छात्रों पर फैकल्टी एडवाइजर…आईआईटी कानपुर का मजबूत काउंसलिंग तंत्र एक बार फिर मेधावी की जान बचा पाने में फेल साबित हुआ। काउंसलिंग तंत्र इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग के छात्र धीरज के मन की बात नहीं समझ सका। उसने फंदा लगाकर जान दे दी। यह सिर्फ एक मामला नहीं बल्कि पिछले 22 महीनों में सात होनहारों ने जीवन लीला समाप्त कर ली। धीरज की मौत ने न केवल पूरे कैंपस को हिला दिया।


