ट्रंप साहब, भारतीय अर्थव्यवस्था न तो डेड है और न ही थकी हुई, ये तो दुनिया की नजरों में चमकता सितारा है

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प्रयाग भारत, दिल्ली; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि भारत से आयात होने वाले सामान पर यह टैरिफ एक अगस्त से प्रभावी होगा. इसके साथ ही ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भी गंभीर टिप्पणी कर दी. उन्होंने रूस के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को मरी हुई अर्थव्यवस्था बताया.ट्रंप के इस बयान पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हां में हां मिलाई है. लेकिन आइए हम आपको बताते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान हकीकत से कितना दूर है.

ट्रंप ने कहा है, ”मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है. मुझे बस यही फर्क पड़ता है कि वे मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को कैसे गिरा सकते हैं. हमने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है, उनके टैरिफ बहुत ऊंचे हैं, जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ वाले देशों में से एक हैं. इस तरह, रूस और अमेरिका भी लगभग कोई व्यापार नहीं करते हैं, तो चलिए इसको ऐसे ही रहने देते हैं

भारत की अर्थव्यवस्था पर आईएमएफ की राय

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के ठीक एक दिन पहले अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 29 जुलाई को अपने सदस्य देशों का वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्लूईओ) का नया आकलन जारी किया था. आईएमएफ के 191 सदस्य देश हैं. आईएमएफ ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-2027 में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह पहले के अनुमान की तुलना में थोड़ा अधिक है.आईएमएफ ने डब्लूईओ रिपोर्ट में कहा है कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 0.2 फीसदी यानी 20 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया है. वहीं अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास के अनुमान को 0.1 फीसदी यानी 10 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया गया है. इससे पता चलता है कि भारत की अर्थव्यवस्था किस रफ्तार से आगे बढ़ रही है.आईएमएफ ने अमेरिकी जीडीपी के लिए विकास की दर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. यह 2023 में  2.9 फीसदी था.

भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्व बैंक की राय

विश्व बैंक ने अप्रैल में 2025-26 के लिए भारत के वृद्धि दर अनुमान को 6.7 फीसदी से घटाकर 6.3 फीसदी कर दिया था. लेकिन पिछले महीने जारी वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा था कि अनिश्चितताओं के कारण निर्यात पर बने दबाव के बाद भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा.

भारत की अर्थव्यवस्था पर एडीबी का अनुमान

वहीं एशियाई विकास बैंक ने अभी 23 जुलाई को ही अनुमान लगाया था कि भारत की जीडीपी 2025 में 6.5 फीसदी और 2026 में 6.7 फीसदी की दर से बढ़ सकती है.

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ इसी तरह की राय दुनिया की तीन प्रमुख रेटिंग एजेंसिंयों मूडीज, एस एंड पी और फिच ने भी जताई थी.

मूडीज की राय 

भारत की अर्थव्यवस्था ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इस साल छह मई जारी अपनी रिपोर्ट में 2025 में भारत की जीडीपी की विकास दर 6.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. मूडीज ने उम्मीद जताई था कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ेगी. इसका मतलब यह हुआ कि भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 2025 से अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी.

एस एंड पी का अनुमान

इस साल एसएंडपी ग्‍लोबल रेटिंग्‍स ने भारत की अर्थव्यवस्था में भरोसा जताया था. इस रेटिंग एजेंसी ने जून में जारी एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा कि भारत में घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के बाद भी गति मिल रही है. एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था.इससे पहले उसने विकास दर को 6.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था.

फिच रेटिंग्स का अनुमान

फिच रेटिंग्स ने इस साल 22 मई को 2028 तक के लिए भारत की औसत वार्षिक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया था. इस रेटिंग एजेंसी ने नवंबर 2023 में इसके 6.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था.फिच ने पांच साल के लिए जीडीपी के अनुमानों को अपडेट करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2023 की रिपोर्ट के समय की हमारी अपेक्षा से अधिक मजबूती से वापसी की है.

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