Delhi में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज; वीडियो से हमलावरों की पहचान में जुटी पुलिस

स्वदेशी टाइम्स, नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। अशोका रोड स्थित विंडसर पैलेस गोलचक्कर पर बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत और कांस्टेबल देवेंद्र ने प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और लात मारने के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटनास्थल के वीडियो फुटेज के आधार पर कथित हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।

सड़क पर प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित होने का दावा

हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत के मुताबिक, उनकी ड्यूटी अशोका रोड स्थित विंडसर पैलेस राउंडअबाउट पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई थी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया था और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

भूपेंद्र अहलावत ने बताया कि स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस के जरिए वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। पुलिसकर्मी जब प्रदर्शनकारियों को समझाकर बस की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कुछ लोगों के उग्र होने का आरोप है।

हेड कांस्टेबल के अनुसार, धक्का-मुक्की के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पीछे से पकड़कर खींचा और जमीन पर गिरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह उठने की कोशिश कर रहे थे, तब पीछे से उन्हें लात भी मारी गई। इसके बाद उन्होंने कथित हमलावरों को पकड़ने और उनकी पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन वे भीड़ का फायदा उठाकर वहां से निकल गए।

कांस्टेबल देवेंद्र ने भी लगाए मारपीट के आरोप

नई दिल्ली जिले में डीसीपी की एस्कॉर्ट टीम में तैनात कांस्टेबल देवेंद्र ने भी घटना को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच विंडसर पैलेस गोलचक्कर के पास बड़ी संख्या में लोग जमा थे।

देवेंद्र के मुताबिक, सड़क के बीच प्रदर्शनकारियों के बैठे होने से आम जनता को परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से हाथ जोड़कर सड़क खाली करने और सहयोग करने की अपील की थी।

कांस्टेबल देवेंद्र का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को उठाने में मदद करने के दौरान पीछे से आई भीड़ में शामिल एक-दो लोगों ने उन्हें नीचे गिरा दिया और लात मारनी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि कथित हमलावर ने सफेद रंग के कपड़े पहने थे और सिर पर सफेद मफलर या रुमाल बांध रखा था। बाद में वह भीड़ में गायब हो गया।

पुलिसकर्मियों ने कहा- मामला स्वाभिमान और मनोबल से जुड़ा

दोनों पुलिसकर्मियों के मुताबिक, घटना में उन्हें कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई और मेडिकल-लीगल केस की स्थिति भी नहीं बनी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान इस तरह का व्यवहार पुलिसकर्मियों के स्वाभिमान और मनोबल को प्रभावित करता है।

हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के साथ आक्रामक व्यवहार कर उनका मनोबल गिराने और उन्हें अपमानित करने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में पुलिसकर्मियों की वर्दी खींचने, नेमप्लेट तोड़ने या पुलिस कैप छीनने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं।

पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान उन्हें कभी-कभी राजनीतिक पक्षपात के आरोपों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है, जबकि उनका प्राथमिक दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सामने कई चुनौतियां

राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के सामने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आम जनता की सुविधा सुनिश्चित करने की चुनौती रहती है। पुलिसकर्मियों को विरोध प्रदर्शन के दौरान संयम बनाए रखते हुए स्थिति को नियंत्रित करना पड़ता है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

विंडसर पैलेस गोलचक्कर की घटना में भी पुलिसकर्मियों का कहना है कि उनका प्रयास प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराना था। मुख्य मार्ग बाधित होने से एंबुलेंस, कार्यालय जाने वाले लोगों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी होने की आशंका रहती है।

वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने कथित मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है।

पुलिस घटनास्थल पर मौजूद कैमरों, मीडियाकर्मियों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो फुटेज की मदद से कथित हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। कथित मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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