Delhi के सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना
स्वदेशी टाइम्स, नई दिल्ली : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा न्यू सीमापुरी स्थित ईदगाह मछली मंडी के पास हुआ। इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं।
दिल्ली फायर सर्विस के फायर कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 3:15 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल बचाव दल को मौके के लिए रवाना किया गया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई।
मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को मलबे से बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
घायलों को राजीव गांधी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। हालांकि, अभी तक घटना में कितने लोग घायल हुए हैं या कितने लोग मलबे में फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।
तीन वाटर टेंडर और IRT टीम मौके पर
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर राहत-बचाव कार्य के लिए तीन वाटर टेंडर और एक इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) को मौके पर भेजा गया। वहीं, STO मनोज त्यागी की ओर से वरिष्ठ अधिकारी को भी मौके पर भेजने की मांग की गई।
चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक ने भी घटना को लेकर जानकारी दी है। मौके पर दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
पिछले साल बनी थी पांच मंजिला इमारत
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई इमारत गली के अंदर की तरफ स्थित थी और इसे पिछले साल ही बनाया गया था। पांच मंजिला इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें थीं, जबकि ऊपर की चार मंजिलों में अलग-अलग परिवार रहते थे।
जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग का मालिक और उसका परिवार भी इसी इमारत में रहता था। हादसे के बाद उनके भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद फिर उठा सवाल
दिल्ली में इससे पहले 6 सितंबर को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में भी एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने जर्जर इमारतों की पहचान कर उन्हें सील करने समेत सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। अब 7 अक्टूबर 2026 को सीमापुरी में एक और बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल सीमापुरी में राहत और बचाव अभियान जारी है। हादसे में जनहानि की आधिकारिक पुष्टि और मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।