भारत में अल-कायदा की साजिश रचने वाली शमा गिरफ्तार, जानिए कैसे फैला रही थी जिहाद और क्या है उसका पाक कनेक्शन

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स्वदेशी टाइम्स, दिल्ली; गुजरात ATS ने बुधवार को बड़ा एक्शन लेते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सबकॉंटिनेंट) से जुड़े सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा मामले में एक महिला आंतंकी (Alqaeda Terrorist Shama Parveen) को गिरफ्तार किया है. यह महिला कौन है. इसे कहां से गिरफ्तार किया गया है और इसका नाम क्या है.  वह कैसे इस आतंकी संगठन का प्रचार कर रही थी. बता दें कि गिरफ्तार महिला का नाम शमा परवीन है. उसका पूरा काला चिट्ठा डिटेल में जानें.

कौन है शमा परवीन?

अल-कायदा की आतंकी शमा परवीन मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है. लेकिन वह फिलहाल बेंगलुरु के आरटी नगर इलाके में रह रही थी.  एटीएस ने उसे बेंगलुरु से ही धर दबोचा है. शमा परवीन पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर जिहादी प्रचार कर रही थी. इसके लिए वह अन्य लड़के-लड़कियों को भी निशाना बना रही थी. दरअसल ATS को पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी कंटेंट फैलाने वालों पर नजर रखने के निर्देश मिले थे. इसी के तहत ATS की एक खास टीम बनाई गई, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव कई ऐसे अकाउंट्स को ट्रेस किया, जो जिहाद, गजवा-ए-हिंद, और भारत सरकार के खिलाफ हिंसा फैलाने वाले मैसेज सर्कुलेट कर रहे थे.

शमा कैसे कर रही थी जिहादी प्रचार?

जांच में सामने आया कि “Strangers of The Nation” और “Strangers of The Nation 2” नाम के फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट से लगातार आतंकी विचारधारा फैलाई जा रही थी. इन अकाउंट्स से अल-कायदा के नेताओं के वीडियो और भड़काऊ भाषण शेयर किए जा रहे थे. जिसके बाद एटीएस अलर्ट हो गई.

आतंकी शमा परवीन का पाकिस्तान कनेक्शन

शमा परवीन का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है. AQIS मॉड्यूल की सरगना शमा AQIS के चीफ रहे मौलाना असीम उमर उर्फ सनाउल हक से बेहद प्रभावित थी. वह मौलाना असीम उमर के भड़काऊ बयान सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करके लोगों का ब्रेन वॉश कर रही थी.

कौन था मौलाना असीम उमर उर्फ सनाउल हक?

  • 2014 ने एक कायदा चीफ अल जवाहिरी ने मौलाना असीम उमर को AQIS का चीफ बनाया था
  •  मौलाना असीम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला था जो 90 के दशक में पाकिस्तान और फिर अफगानिस्तान चला गया था.
  • 2019 ने अफगानिस्तान में आसिम उमर को अमेरिकी फौज ने मार गिराया था.  लेकिन असीम उमर के बयान आज भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं. उसकी आवाज उसके बयान लोगों को अक्सर आतंकी बनने पर मजबूर कर देते हैं.
  • शमा समेत नोएडा, दिल्ली, गुजरात से गिरफ्तार आतंकी मौलाना असीम उमर के बयान न सिर्फ सुन रहे थे बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार शेयर कर रहे थे.

शमा तक कैसे पहुंची ATS की टीम?

ATS ने पहले चार लोगों को अहमदाबाद, मोरबी, दिल्ली और नोएडा से धर दबोचा. उनके पूछताछ और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद शमा परवीन का नाम सामने आया, जो इन अकाउंट्स की असली यूजर पाई गई. इसके बाद गुजरात ATS की टीम बेंगलुरु पहुंची. उसने 29 जुलाई को स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से शमा परवीन को गिरफ्तार कर लिया.

आतंकी शमा के पास से क्या-क्या मिला?

शुरुआती जांच में उसके मोबाइल फोन से ऐसे कई वीडियो और पोस्ट मिले हैं, जिनमें जिहादी भाषण, भारत विरोधी बातें और युवाओं को हिंसा के लिए उकसाने की कोशिश के सबूत हैं.  ATS के मुताबिक, शमा परवीन ने अल-कायदा के मौलाना असिम उमर, अनवर अल-अवलाकी और लाहौर की लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अज़ीज़ के भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे. इन वीडियो में हथियार उठाने, सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की बातें कही गई थीं.

शमा परवीन के खिलाफ UAPA और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल और विदेशी संपर्कों की भी गहराई से जांच की जा रही है.

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