मंदिर में उत्सव के दौरान भगदड़ में 6 लोगों की मौत, अन्य लोग घायल

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स्वदेशी टाइम्स, पणजी: उत्तरी गोवा के एक मंदिर में शनिवार तड़के एक उत्सव के दौरान भगदड़ मचने से छह लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पणजी से करीब 40 किलोमीटर दूर शिरगांव के श्री लईराई देवी मंदिर में तड़के करीब तीन बजे हुई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हजारों श्रद्धालु वार्षिक उत्सव में भाग लेने के लिए मंदिर की संकरी गलियों में उमड़ पड़े और इसी दौरान भगदड़ मच गई। पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बताया कि छह लोगों की मौत हुई है और कई अन्य लोगों का राज्य के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस उत्सव के लिए कम से कम 30,000 से 40,000 लोग एकत्र हुए थे और कुछ लोग एक ढलान पर खड़े थे। ढलान पर कुछ लोग गिर गए जिससे अन्य लोग एक-दूसरे पर गिर गए।’’ उन्होंने बताया कि 40 से 50 लोग ढलान पर गिर गए जिसके परिणामस्वरूप भगदड़ मच गई। उन्होंने कहा कि यह भगदड़ ढलान वाले स्थान तक सीमित रही।

अधिकारी ने कहा कि उत्सव में शामिल होने के लिए गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से हजारों श्रद्धालु मंदिर में एकत्र हुए थे। राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी उत्तरी गोवा जिला अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। सावंत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें फोन करके हर तरह की मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने लिखा, ‘‘आज सुबह शिरगांव के लईराई जात्रा में मची भगदड़ की दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहा हूं।’’

सावंत ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझसे बात की और स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इस कठिन समय में अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की।’’ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं जिनमें से आठ की हालत गंभीर है और दो को बम्बोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि आठ घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामूली रूप से घायल 10 अन्य लोगों को भी उपचार दिया गया। राणे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल और व्यापक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने 108 एंबुलेंस सेवा के साथ समन्वय किया और यह सुनिश्चित किया कि घटना के तुरंत बाद पांच एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी जाएं जबकि तीन और एंबुलेंस उत्तरी गोवा जिला अस्पताल में हैं।’’

राणे ने कहा कि अतिरिक्त चिकित्सकों को बुलाया गया है और वेंटिलेटर मशीनों की व्यवस्था के साथ एक समर्पित आईसीयू स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और हम प्रत्येक मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं।’’

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