लंदन में भारतीय छात्रा तेजस्विनी की हत्या केस में ब्राजीलियाई नागरिक दोषी करार, मिली पागलखाने में भर्ती कराने की सजा

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लंदन: लंदन में पिछले साल हैदराबाद की एक 27 वर्षीय भारतीय छात्रा तेजस्विनी कोंथम की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। युवती पर ब्राजील के एक नागरिक ने जानलेवा हमला किया था। ब्राजीलियन ने इसके बाद तेजस्विनी की दोस्त की भी हत्या करने की कोशिश की थी। अब आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद लंदन की कोर्ट ने ब्राजीलियन नागरिक केविन एंटोनियो लौरेंको डी मोराइस को मानसिक अस्पताल में भर्ती करने की सजा सुनाई है। लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि ब्राजीलियन केविन एंटोनियो को गुरुवार को आइलवर्थ क्राउन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1983 की धारा 37 के तहत सजा सुनाई।

कोर्ट ने 22 अप्रैल को केविन को हत्या का दोष ठहराया

इससे पहले कोर्ट ने 22 अप्रैल को केविन को गैर इरादतन हत्या का दोष ठहराया था। वहीं, इस हफ्ते कोर्ट में यह बात सामने आई थी कि चाकू घोंपने की घटना से तीन महीने पहले आरोपी को पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया रोग से पीड़ित पाया गया था।

आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है

जज ने कहा कि पैरोल पर विचार किए जाने से पहले डे मोरिस को कम से कम नौ साल की सजा के साथ आजीवन कारावास की सजा मिल सकती थी, लेकिन कई डॉक्टरों के बीच इस बात पर सहमति थी कि अस्पताल का आदेश जनता के लिए सबसे बेहतर रहेगा, क्योंकि आगे दोबारा ऐसी घटनाएं ना हों इसके लिए चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। डे मोरिस लंदन के दक्षिण-पूर्व में एक सुरक्षित मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में अपना समय बिताएंगे।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि लंदन के नील्ड क्रिसेंट इलाके में रह रही तेजस्विनी और उनकी रूममेट पर केविन एंटोनियो ने चाकू से हमला कर दिया था। हालांकि, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और युवती को अस्पताल पहुंचाया था। उसी समय पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया था।  

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