‘भगवान करे अब कभी इस घर की चौखट पर लक्ष्मी न आए’, तलाक के बाद मह‍िला के घरवालों ने ससुराल की दीवार पर लिखी ये बातें

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स्वदेशी टाइम्स, कानपुर :  ”मैं ईश्वर से न्याय मांगूंगी। जिस तरह से मुझसे छल और प्रताड़ित किया है। मुझ जैसी कोई लड़की छल, धोखाधड़ी से भी इस घर की बहू न बने। इन सभी को दंड अवश्य मिले।” कुछ इस तरह से तलाक के बाद एक बहू ने अपने ससुरालवालों को घर के बाहर से ही खरीखोटी सुनाई। इसके बाद मायकेवालों ने दीवार पर लिखा- भगवान करे अब कभी इस घर की चौखट पर लक्ष्मी न आए। इसके बाद मायके वाले अपनी बेटी को ढोल नगाड़ों के साथ वापस अपने घर ले गए। इस दौरान ससुराल पक्ष से कोई भी घर से नहीं निकला।

लखनऊ निवासी बीएसएनएल से सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि उनका पैतृक मकान निराला नगर में है, जहां उनके भाइयों का परिवार रहता है। उनकी 35 वर्षीय बेटी 15 वर्ष से नई दिल्ली की एक कंपनी में मेंटीनेंस इंजीनियर है। बेटी की जनवरी 2016 में चकेरी क्षेत्र में रहने वाले दिल्ली में कार्यरत इंजीनियर से शादी हुई थी।

  • दहेज में कार और प्‍लैट की कर रहे थे मांग 

बेटी ने बताया कि ससुराल में पति के भाई-भाभी और ननद और ननदोई दहेज में कार और दिल्ली में फ्लैट की मांग करने लगे थे। पिता ने दिल्ली में मेरे नाम से जब एक फ्लैट खरीदा तो पति भड़क गया कि फ्लैट उसके नाम से क्यों नहीं है।

अगस्त 2016 में तब छुट्टी लेकर ससुराल गई तो पति को उसकी भाभी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। विरोध पर वे लोग मारपीट करने लगे। फरवरी 2019 में बेटी हुई तब पति व ससुरालवाले ताने देने लगे। लखनऊ मायके आकर उन्होंने रिश्ता खत्म करने की भी धमकी दी। तब से पति उसके पास नहीं आया। बाद में जानकारी हुई कि पति का गुरुग्राम की एक युवती से भी प्रेम प्रसंग है।

मुकदमा लड़ते हुए बेटी हो रही थी बड़ी तो तलाक का लिया फैसला

पीड़िता ने बताया कि बेटी के जन्म पर ताने मिले। इसके बाद उन्होंने पति की हरकतों की वजह से 2021 में दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया। मामला कोर्ट पहुंचा। बेटी बड़ी हो रही थी और मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। कब तक लड़ते। बेटी पांच साल की हो गई तो लगा उसका भविष्य खराब हो जाएगा। तब तलाक का फैसला लिया और फरवरी 2024 में तलाक हुआ।

उन्होंने बताया कि पति और ससुरालवालों ने खुद की गलतियों को उस पर मढ़ा और लांछन लगाकर बदनाम करने का प्रयास किया था। ऐसे में और किसी की बेटी के साथ छल न हो और उस घर में उसके साथ ऐसा न हो जो उसके साथ हुआ। इस उद्देश्य से ससुराल जाकर ये सब किया था। माता-पिता ने बेटी होने का मान बढ़ाया है। उसे उन पर गर्व है।

‘गलत आरोप लगाए, मेरा परिवार डरा हुआ है’

नाम न बताते हुए लड़के पक्ष के घरवालों ने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं। जब कोर्ट से उनका समझौता हो चुका है। इसके बाद कोर्ट ने यह भी आदेश किया कि दोनों परिवार में अब कोई संबंध नहीं है। ऐसे में यह सब किस मकसद से किया पता नहीं। बस उन्हें बदनाम किया जा रहा है। हमारा परिवार घर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। बहुत डरा सहमा है। कोई गेट पर भी आता है तो सहम जाते हैं। अगर परिवार के किसी सदस्य पर कुछ होता है तो उन्हीं लोगों पर शक जाएगा। उन लोगों ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है।

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