Lalit-modi , का दावा: कानूनी मामलों से नहीं, जान के खतरे के कारण छोड़ा था भारत
स्वदेशी टाइम्स, आईपीएल: Lalit-modi संस्थापक ने एक हालिया इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2010 में भारत किसी कानूनी दबाव या जांच से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान को खतरा होने के कारण छोड़ा था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं थीं।
करिश्मा मेहता को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने उस दिन का जिक्र किया, जब उन्होंने भारत छोड़ा था। उन्होंने बताया कि वह गोवा में अपनी कानूनी टीम के साथ बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस का जवाब तैयार कर रहे थे। उनके मुताबिक, उस दौरान उनकी सुरक्षा बेहद कड़ी थी क्योंकि उन्हें पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं।
मोदी ने कहा कि जवाब दाखिल करने के बाद जब वह गोवा से मुंबई पहुंचे तो उन्होंने पाया कि एयरपोर्ट पर उनकी नियमित सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर उनके साथ सुरक्षा कर्मियों और पुलिस का बड़ा काफिला रहता था, लेकिन उस दिन कोई भी मौजूद नहीं था। बाद में उन्हें बताया गया कि उनकी सुरक्षा अब लंबे समय तक सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
ललित मोदी के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें सलाह दी गई कि वे अपनी सुरक्षा को देखते हुए आगे की रणनीति तय करें। उन्होंने दावा किया कि उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें देश छोड़ने पर विचार करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने लंदन जाने का फैसला किया।
मोदी ने कहा कि जब वह भारत से रवाना हुए, तब उनके खिलाफ कोई यात्रा प्रतिबंध या कानूनी रोक नहीं थी। उनका कहना है कि वह वैध पासपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के तहत ब्रिटेन पहुंचे थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें “भगोड़ा” कहना गलत है, क्योंकि उन्होंने किसी कानून से बचने के लिए देश नहीं छोड़ा।
इंटरव्यू में उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोप कभी साबित नहीं हो सके। मोदी के अनुसार, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और अदालतों में उन्हें राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई ठोस मामला होता तो इतने वर्षों में उसका निपटारा हो चुका होता।
ललित मोदी ने पहले भी कुछ इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिलती थीं। उनका कहना है कि क्रिकेट में कथित मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के कारण वे कुछ लोगों के निशाने पर आ गए थे।
हालांकि, उनके दावों को लेकर समय-समय पर अलग-अलग पक्ष सामने आते रहे हैं। फिलहाल, उनके हालिया बयान ने एक बार फिर उनके भारत छोड़ने की परिस्थितियों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
