राज्यसभा में इतिहास रचा: पहली बार मनोनीत सांसद बने उपसभापति

स्वदेशी टाइम्स, नई दिल्ली : नई दिल्ली में संसद के भीतर एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। राज्यसभा में पहली बार किसी मनोनीत सांसद को उपसभापति की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और यह दायित्व हरिवंश नारायण सिंह को मिला है। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मनोनीत किए गए हरिवंश को एक बार फिर इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके लंबे संसदीय अनुभव और लेखन कार्य की सराहना की। पीएम ने अपने संबोधन में जेपी आंदोलन और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसे नेताओं से उनके वैचारिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया और कहा कि हरिवंश सदन में संतुलित और प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

इसी बीच संसद के दूसरे सदन में विपक्ष ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में उपाध्यक्ष पद के पिछले सात वर्षों से खाली पड़े रहने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार यह पद बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय से इसे भरा नहीं गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। खरगे ने इस स्थिति को प्रतीकात्मक रूप से भी व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में लोकसभा में भी इस संवैधानिक पद को जल्द भरा जाएगा।

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