₹504 Crore फंड गबन मामला: CBI ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अधिकारी को किया गिरफ्तार
स्वदेशी टाइम्स, चंडीगढ़ : ₹504 Crore हरियाणा में सामने आए ₹504 करोड़ के कथित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने विभागीय स्वीकृति के बिना बैंक खाता खुलवाकर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग में अहम भूमिका निभाई।
सीबीआई के अनुसार, प्रवीण कुमार को 2 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले इस मामले में बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव एवं निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ को भी हिरासत में लिया जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में विभाग के नाम पर एक बैंक खाता बिना आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी और आधिकारिक रिकॉर्ड के खोला गया था। आरोप है कि इसी खाते का इस्तेमाल सरकारी धन के कथित गबन के लिए किया गया।
सीबीआई का दावा है कि इस खाते से चेक और डेबिट नोट के जरिए बड़ी रकम निकालकर विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में भेजी गई। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खाता प्रवीण कुमार के हस्ताक्षर से संचालित था, जबकि उसमें एक ऐसे व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, जो उस समय विभाग में कार्यरत नहीं था। एजेंसी के अनुसार, ऐसा कथित तौर पर बैंक अलर्ट और लेनदेन की निगरानी से बचने के उद्देश्य से किया गया।
सीबीआई के मुताबिक, यह मामला लगभग ₹504 करोड़ के कथित घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों की धनराशि फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के माध्यम से निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।
अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। वहीं, कुल 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने तक सभी संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।