Uttrakhand में फर्जी प्रमाण पत्र से MBBS दाखिले का मामला, SIT ने 3 और आरोपियों को किया गिरफ्तार

ख़बर रफ़्तार , देहरादून : उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत अन्य कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला कराने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर और क्लेमेंटटाउन में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान इनकी संलिप्तता सामने आई। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

13 सितंबर को दर्ज हुए थे मुकदमे

पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को रायपुर और क्लेमेंटटाउन थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में SIT का गठन किया। टीम दस्तावेजों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए दाखिला कराने का आरोप

SIT की जांच में सामने आया कि पहले गिरफ्तार किया गया आरोपी रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ पिछले पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह मेरठ में ‘मेकोडो पाठशाला’ नाम से कंपनी चलाता था। इसके जरिए निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन पर दाखिला दिलाने का काम किया जाता था।

जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बेटियों का MBBS में दाखिला कराने के लिए रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके लिए फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए।

फर्जी दस्तावेज बनवाने के लिए दिए 25 और 30 लाख रुपये

पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों के आधार पर एक आरोपी की बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि दूसरे आरोपी की बेटी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया गया था।

SIT के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के बदले एक व्यक्ति ने रूपेश पंडित को 25 लाख रुपये, जबकि दूसरे व्यक्ति ने 30 लाख रुपये दिए थे। जांच एजेंसी इन आरोपों से संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिले का आरोप

पुलिस के अनुसार, तीसरे आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी के MBBS दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे।

आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।

मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासी हैं आरोपी

SIT ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासियों के रूप में की है। पुलिस टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जिन अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ग्रामीण जया बलूनी के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।