Nepal : माउंट एवरेस्ट के पास बड़ा हादसा, दो हेलिकॉप्टरों की टक्कर में चेन्नई के 47 वर्षीय पर्यटक की मौत

स्वदेशी टाइम्स , चेन्नई : नेपाल में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के पास एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हुआ है। सोलुखुम्बु जिले के फेरिचे इलाके में दो हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग के दौरान आपस में टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में चेन्नई के रहने वाले 47 वर्षीय पर्यटक वसंत कुमार बलरामरामाडु की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, मृतक के शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इस संबंध में नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है।

लैंडिंग के दौरान हवा में टकराए दोनों हेलिकॉप्टर

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मंगलवार 3 नवंबर को सुबह करीब 8 बजे नेपाल के सोलुखुम्बु जिले के फेरिचे इलाके में हुआ। करीब 4,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र माउंट एवरेस्ट जाने वाले पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए प्रमुख पड़ाव है।

बताया जा रहा है कि फिशटेल एयर का एक हेलिकॉप्टर पर्यटकों को लेकर फेरिचे के हेलीपैड पर पहुंचा था। इसी दौरान एयर डायनेस्टी का दूसरा हेलिकॉप्टर लुक्ला क्षेत्र से कार्गो लेकर वहां पहुंचा। दोनों हेलिकॉप्टर एक ही समय पर हेलीपैड पर उतरने की कोशिश कर रहे थे।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, दोनों हेलिकॉप्टर हेलीपैड से करीब 10 फीट की ऊंचाई पर थे, तभी उनके बीच टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों हेलिकॉप्टर नीचे गिर गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

चेन्नई के 47 वर्षीय पर्यटक की मौके पर मौत

इस हादसे में फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर में सवार चेन्नई निवासी वसंत कुमार बलरामरामाडु की मौके पर ही मौत हो गई। वह चेन्नई के ओल्ड वाशरमैनपेट इलाके के रहने वाले थे और उनकी उम्र 47 वर्ष थी।

हादसे में उनके साथ यात्रा कर रहे न्यूजीलैंड निवासी भारतीय मूल के शैलेश कुमार पटेल (49) और हेलिकॉप्टर के पायलट रवींद्र प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, एयर डायनेस्टी के दूसरे हेलिकॉप्टर का पायलट सुरक्षित बच गया।

घायलों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू पहुंचाया

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बचाव दल भी मौके पर पहुंचा और घायलों को बाहर निकालकर हेलिकॉप्टर की मदद से काठमांडू घाटी स्थित नेपाल मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया।

वहीं, मृतक वसंत कुमार के शव को पहले लुक्ला ले जाया गया। इसके बाद पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए शव को काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल भेजा गया।

मौसम साफ होने के बावजूद कैसे हुआ हादसा?

नेपाल की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हेलिकॉप्टर हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के समय मौसम साफ था और तेज हवाओं के संकेत भी नहीं मिले थे।

जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलटों के बीच कम्युनिकेशन में गड़बड़ी होने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। नेपाल की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक मुकेश डांगोल के मुताबिक, फेरिचे क्षेत्र लुक्ला एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर की सीधी निगरानी वाले क्षेत्र से बाहर है।

ऐसे इलाकों में हेलिकॉप्टर पायलटों को आपस में संपर्क कर अपनी उड़ान और लैंडिंग से जुड़ी जानकारी साझा करनी होती है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि दोनों हेलिकॉप्टर एक ही समय पर एक ही हेलीपैड पर उतरने की कोशिश कैसे करने लगे।

घायल पायलट का बयान दर्ज कर रही जांच टीम

नेपाल के विमानन अधिकारी हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए घायल पायलट का बयान दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही हेलिकॉप्टरों की तकनीकी स्थिति और संभावित तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा पायलटों के बीच समन्वय की कमी के कारण हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी वजह थी।

भारतीय दूतावास शव चेन्नई लाने की प्रक्रिया में जुटा

हादसे में जान गंवाने वाले वसंत कुमार के परिवार को उनकी मौत की सूचना दे दी गई है। चेन्नई के ओल्ड वाशरमैनपेट स्थित पेरम्बलूर स्ट्रीट में रहने वाले उनके परिजन इस घटना से बेहद दुखी हैं। हालांकि, परिवार ने मीडिया से इस मामले में बातचीत करने से इनकार कर दिया है।

वहीं, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास वसंत कुमार के शव को भारत लाने के लिए नेपाली अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका शव चेन्नई लाया जाएगा। फिलहाल परिवार को शव भारत पहुंचने का इंतजार है।