प्रदूषण से बढ़ रही प्रीमेच्योर डिलीवरी: गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए गंभीर खतरा
स्वदेशी टाइम्स, रोहतक: हरियाणा में प्रदूषण के कारण प्रीमेच्योर डिलीवरी बढ़ रही हैं। पीजीआई में पिछले एक साल में 13,500 की डिलीवरी हुई, इनमें से 2430 के बच्चे तय समय से पहले हुए। पीजीआई रोहतक की सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
हरियाणा में वायु प्रदूषण का असर अब गर्भवती व नवजात शिशुओं पर भी पड़ने लगा है। प्रीमेच्योर डिलीवरी की संख्या बढ़ने लगी है। यह दावा पीजीआई रोहतक के गायनी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने किया है। उन्होंने बताया कि यहां एक साल में 13,500 की डिलीवरी हुई। इनमें से 18 प्रतिशत यानि 2430 बच्चे प्रीमेच्योर हुए।
इसका मुख्य कारण प्रदूषण भी है क्योंकि हवा में घुला जहर सांसों के जरिए शरीर में जा रहा है। यह खून में मिलकर गर्भस्थ शिशु तक पहुंच रहा है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण खांसी-जुकाम व अस्थमा की समस्या बढ़ गई हैं।
