यूक्रेन संघर्ष: बड़े पैमाने पर कैदी स्वैप की तैयारी, 1200 यूक्रेनी सैनिकों की जल्द वापसी संभव

स्वदेशी टाइम्स, कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि उनकी सरकार रूस के साथ कैदियों के आदान-प्रदान को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है। तुर्की और UAE की मध्यस्थता में हुई बातचीत में 2022 के इस्तांबुल समझौते को लागू करने पर सहमति हुई है। उम्मीद है कि लौटे सैनिक नए साल और क्रिसमस अपने परिवार के साथ मना सकेंगे।

रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से संघर्ष जारी है। रूस आज भी यूक्रेन पर हमले कर रहा है। हालांकि इनसब के बीच में अब एक अच्छी खबर सामने आ रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार रूस के साथ कैदियों के आदान-प्रदान को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है। इसका मकसद लगभग 1200 यूक्रेनी सैनिकों को घर लाना है। जेलेंस्की ने बताया कि इस पर कई बैठकें और बातचीत चल रही हैं और अलग-अलग माध्यमों से संपर्क बनाए जा रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने शनिवार को कहा कि इस मामले में तुर्किय और संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने इस्तांबुल में 2022 में बनाए गए कैदियों के आदान-प्रदान के नियमों को लागू करने पर सहमति जताई है। उमेरोव ने कहा कि अब तकनीकी और प्रक्रिया से जुड़े अंतिम निर्णय जल्द लिए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि लौटे हुए यूक्रेनी सैनिक नए साल और क्रिसमस अपने परिवार के साथ मना सकेंगे।

जारी है रूस का यूक्रेन पर हमला
हालांकि इन सबके बीच रूस का यूक्रेन पर हमला जारी है। ताजा अपडेट की बात करें तो रूस के ड्रोन हमलों से यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र में बिजली और ऊर्जा संबंधी कई जगहों को नुकसान हुआ। इसमें एक सोलर पावर प्लांट भी प्रभावित हुआ। यूक्रेन सर्दियों के करीब आते ही लगातार हो रहे रूसी हवाई हमलों और बिजली कटौती से जूझ रहा है। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने एक रात में 176 ड्रोन और एक मिसाइल दागी, जबकि यूक्रेनी सेनाओं ने इनमें से 139 ड्रोन को मार गिराया या बेअसर किया।
रूस की रक्षा मंत्रालय का दावा
दूसरी ओर रूस की रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 57 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया। इस समय यूक्रेन अपनी सीमाओं को बचाने और रूस के आगे बढ़ने की कोशिशों को रोकने में जुटा है। साथ ही अब यह कोशिश जारी है कि कैदियों को जल्द घर लौटाया जाए और उन्हें अपने परिवार के बीच त्योहार मनाने का मौका मिले।

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