HP: हिमाचल में आफत की बारिश: भूस्खलन से चार की मौत, सैकड़ों सड़कें बंद
स्वदेशी टाइम्स, शिमला: प्रदेश में बारिश ने फिर कहर बरपाया है। शिमला में 141.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जोकि बहुत ज्यादा है। मंडी जिले में भूस्खलन से तीन लोगों की माैत हो गई। एक लापता है।
कुछ बसें पानी के बहाव के साथ बह गईं
एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी
अभी तक किसी प्रकार के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी मिली है। बहुत से वाहन बह गए हैं। घरों और दुकानों में मलबा घुस गया है। अभी सोन खड्ड का जलस्तर सामान्य हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं।
अभी तक किसी प्रकार के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी मिली है। बहुत से वाहन बह गए हैं। घरों और दुकानों में मलबा घुस गया है। अभी सोन खड्ड का जलस्तर सामान्य हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

शिमला में बारिश से तबाही, जगह-जगह भूस्खलन
प्रदेश की राजधानी शिमला में भी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। शहर में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। हिमलैंड में भारी भूस्खलन होने से मंगलवार सुबह वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। यहां चार गाड़ियां मलबे में दब गईं। बीसीएस में भी सड़क पर भूस्खलन हुआ है और पेड़ भी गिर गया।
प्रदेश की राजधानी शिमला में भी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। शहर में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। हिमलैंड में भारी भूस्खलन होने से मंगलवार सुबह वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। यहां चार गाड़ियां मलबे में दब गईं। बीसीएस में भी सड़क पर भूस्खलन हुआ है और पेड़ भी गिर गया।
नाला पार करते पानी के तेज बहाव में बह गए दो चचेरे भाई, एक की मौत, दूसरा लापता
पंडोह पुलिस चौकी के तहत आने वाले शिवाबदार के सुमा नाले के तेज बहाव में दो चचेरे भाई बह गए। इसमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश जारी है। मिली जानकारी के अनुसार सुमा गांव के 15-16 लोग सायर पर्व पर देवता शुकदेव ऋषि थट्टा के मंदिर गए हुए थे। जब यह लोग लाैट रहे थे तो सुमा नाले के पास यह हादसा पेश आ गया। बताया जा रहा है कि इस नाले पर लकड़ियां डालकर अस्थायी पुलिया बनाई गई थी जो अचानक टूट गई और दोनों चचेरे भाई नाले के तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों की मदद से तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया। मृतक की पहचान सुमा गांव के प्रेम सिंह के रूप में हुई है। जबकि मनोहर लाल अभी तक लापता है। पंडोह पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।
पंडोह पुलिस चौकी के तहत आने वाले शिवाबदार के सुमा नाले के तेज बहाव में दो चचेरे भाई बह गए। इसमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश जारी है। मिली जानकारी के अनुसार सुमा गांव के 15-16 लोग सायर पर्व पर देवता शुकदेव ऋषि थट्टा के मंदिर गए हुए थे। जब यह लोग लाैट रहे थे तो सुमा नाले के पास यह हादसा पेश आ गया। बताया जा रहा है कि इस नाले पर लकड़ियां डालकर अस्थायी पुलिया बनाई गई थी जो अचानक टूट गई और दोनों चचेरे भाई नाले के तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों की मदद से तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया। मृतक की पहचान सुमा गांव के प्रेम सिंह के रूप में हुई है। जबकि मनोहर लाल अभी तक लापता है। पंडोह पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।
थुरल के गरडेड़ गांव में भूस्खलन, खाली करवाया
थुरल तहसील के अंतर्गत गांव गरडेड़ में मंगलवार सुबह 5:00 बजे भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है जो अभी भी जारी है। लगभग 10 फीट तक जमीन धंस चुकी है और लगातार इसमें इजाफा हो रहा है। गरडेड़ गांव में 10 परिवार रहते हैं और सभी के मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। दूसरे गांव के लोगों ने प्रभावितों को सुरक्षित निकाला। घरों की तरफ किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। क्योंकि वहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। चार मकान मलबे में दब गए हैं और कई मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होक गए हैं। लोगों की गाड़ियां भी मलबे में दब गईं। थुरल तहसीलदार राजेश जरियाल ने कहर कि गांव के लोगों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। गांव में अभी भी भूस्खलन हो रहा है। इसलिए प्रशासन ने किसी को भी आगे मकानों की तरफ जाने पर पाबंदी लगा दी है ताकि कोई अनहोनी न हो सके।
थुरल तहसील के अंतर्गत गांव गरडेड़ में मंगलवार सुबह 5:00 बजे भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है जो अभी भी जारी है। लगभग 10 फीट तक जमीन धंस चुकी है और लगातार इसमें इजाफा हो रहा है। गरडेड़ गांव में 10 परिवार रहते हैं और सभी के मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। दूसरे गांव के लोगों ने प्रभावितों को सुरक्षित निकाला। घरों की तरफ किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। क्योंकि वहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। चार मकान मलबे में दब गए हैं और कई मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होक गए हैं। लोगों की गाड़ियां भी मलबे में दब गईं। थुरल तहसीलदार राजेश जरियाल ने कहर कि गांव के लोगों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। गांव में अभी भी भूस्खलन हो रहा है। इसलिए प्रशासन ने किसी को भी आगे मकानों की तरफ जाने पर पाबंदी लगा दी है ताकि कोई अनहोनी न हो सके।




