2007 की फिल्म 30 डेज ऑफ डार्क नाइट, अकेले देख ली तो कांप उठेगा कलेजा, रात में घर से नहीं निकलोगे बाहर

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स्वदेशी टाइम्स, दिल्ली; अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं तो आपको 18 साल पुरानी यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए. यह फिल्म आपको डर की दुनिया ऐसी सैर कराएगी कि आपको हॉरर फिल्मों की दुनिया का नया एक्सपीरियंस मिलेगा. यह फिल्म इतनी डरावनी है कि आप अपने आजू-बाजू देखने से भी डरने लगेंगे. इस फिल्म की हॉररनेस का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं, इसकी कहानी कुछ ऐसी है कि इसमें 30 दिनों तक सूरज नहीं निकलता है और लोग पूरे एक महीने अंधेरे और डर के साए में अपनी जिंदगी की भीख मांग रहे होते हैं. इस फिल्म में रात के इस लंबे अंधेरे में कुछ ऐसे शैतान उतर आते हैं जिन्हें आदमखोर कहें तो गलत नहीं होगा.

इस फिल्म की कहानी रात होने के बाद शुरू होती है और 30 दिन सवेरा होने के बाद खत्म. इसलिए इस फिल्म का नाम, ’30 डेज ऑफ डार्क नाइट’ है. फिल्म के नाम से पता चलता है कि इसकी कहानी रात के काले अंधेरे पर बेस्ड है, जहां सूरज का तीस दिनों तक कोई अता-पता नहीं है. फिल्म कहानी में एक शेरिफ और उसकी पत्नी है, जो इन पिशाचों से मुकाबला करते हैं, जो रात के योद्धा हैं. पिशाचों के खिलाफ इस लड़ाई में इस महिला का पति अपनी जान गंवा बैठता है. फिल्म में जोश हार्टनेट और मेलिसा जॉर्ज ने पति-पत्नी का रोल प्ले किया है. दोनों की एक्टिंग इतनी खौफनाक है कि पिशाचों से पहले दर्शक इन्हें देखकर कांपने लगते हैं.

क्या है फिल्म की कहानी?
वहीं वैंपायर्स के सरदार का रोल डैनी हस्टन ने किया है, जिसकी एक्टिंग देखने के बाद किसी का भी पसीना छूट जाएगा. फिल्म का हर किरदार दर्शकों को डराने का काम करता है. फिल्म की कहानी पर नजर डाले तो यह अलास्का के बैरो नाम शहर की है, जो पूरी तरह बर्फ से ढका है. जैसे ही इस शहर पर रात का अंधेरा छाता है, वैंपायर्स एक्टिव हो जाते हैं और तबाही मचाना शुरू कर देते हैं. इस शहर का अन्य शहर से संपर्क टूट जाता है और यहां बसे लोग एक-एक कर अपनी जान गंवा देते हैं. आखिर में शेरिफ और उसकी पत्नी बचते हैं, लेकिन क्लाइमैक्स में शेरिफ कुछ ऐसा कर जाता है, जो दर्शकों की आंखों में डर के साथ आंसू छोड़ जाता है.

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