UP: नदी में पलटी नाव, भतीजे की जान बची, लेकिन ‘लाल’ को न बचा सके पिता

स्वदेशी टाइम्स, गोरखपुर: गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के गोर्रा नदी स्थित करही घाट पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे यात्रियों से भरी नाव अचानक नदी में डूब गई। हादसे में झंगहा क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी मदनेश चतुर्वेदी का 17 वर्षीय इकलौता पुत्र कृष कुमार चतुर्वेदी गहरे पानी में डूब गया।

यूपी के गोरखपुर में बड़ा हादसा हुआ। शनिवार दोपहर झंगहा थाना क्षेत्र के करही घाट पर हुर्रा (गोर्रा) नदी में यात्रियों से भरी नाव पलटने से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि अन्य की तलाश जारी है। नाव में आठ लोग और कुछ बाइकें सवार थीं, जो राजधानी गांव से करही की ओर जा रहे थे।

तेज धार और अधिक भार के कारण नाव बीच धारा में पलट गई। हादसे के दौरान अफरा-तफरी मच गई। नाव सवार कई लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि राजधानी गांव निवासी कृष्ण कुमार चतुर्वेदी (15), कक्षा नौ का छात्र, गहरे पानी में डूब गया।

सबसे हृदयविदारक दृश्य तब हुआ जब उसके पिता मतनेश चतुर्वेदी भी उसी नाव में मौजूद थे। उन्होंने अपने बेटे कृष्ण को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हाथ भतीजे ओम का पकड़ लिया और उसे खींचकर बाहर ला सके। जब तक उन्होंने दोबारा कृष्ण की तलाश की, तब तक वह पानी में समा चुका था।
सूचना मिलते ही झंगहा पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों ने नदी में तलाश शुरू की। लगभग दो घंटे बाद किशोर का शव बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि हादसे में कई बाइकें भी नदी में डूब गईं, जिनकी तलाश जारी थी।
Boat full of passengers capsizes in Gorakhpur youth dies Five bikes also drowned
ग्रामीणों ने बताया कि नदी पार करने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है। वे वर्षों से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
Boat full of passengers capsizes in Gorakhpur youth dies Five bikes also drowned

करही घाट पर यात्रियों से भरी नाव डूबी, मदनेश के इकलौते बेटे की मौत
झंगहा थाना क्षेत्र के गोर्रा नदी स्थित करही घाट पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे यात्रियों से भरी नाव अचानक नदी में डूब गई। हादसे में झंगहा क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी मदनेश चतुर्वेदी का 17 वर्षीय इकलौता पुत्र कृष कुमार चतुर्वेदी गहरे पानी में डूब गया। 

जानकारी के अनुसार, नाव पर झंगहा क्षेत्र के जोगिया, बसुही और राजधानी गांव के करीब आठ लोग सवार थे, जो करही, बरही और डीहघाट की ओर जा रहे थे। नदी पार पहुंचने के दौरान सवारियां नीचे उतर ही रही थीं कि नाव चालक ने अचानक नाव में लगे दमकल इंजन को स्टार्ट कर दिया। इससे नाव चलने लगी और कुछ दूरी पर बने ठोकर से टकरा गई। टक्कर से नाव का हिस्सा टूट गया और उसमें पानी भरने लगा।

हादसा होते ही नाव पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ को बसुही गांव निवासी विशाल ने डूबने से बचा लिया। हालांकि, कृष कुमार चतुर्वेदी तेज धार में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर करीब पांच मोटरसाइकिलें भी थीं, जो नदी में डूब गईं और उनका अब तक पता नहीं चल सका है।

कृष्ण कुमार बड़ोदरा में रहकर हायर सेकेंडरी की पढ़ाई कर रहा था और क्रिकेट की तैयारी भी करता था। पांच वर्ष पूर्व उसकी बड़ी बहन सोनी की बीमारी से मौत हो चुकी थी। परिवार में वही एकमात्र संतान बचा था। हादसे की खबर सुनकर गांव में कोहराम मच गया। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें देर खबर लिखे जाने तक तलाश में जुटी थीं।

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