स्वदेशी टाइम्स, पानीपत (हरियाणा): रजनीश ने बताया कि वे मूलरूप से नवरसा नजला शाहजहांपुर (यूपी) के रहने वाले हैं। पिछले दो साल से सैनी काॅलोनी में रह रहे हैं। कच्चा काबड़ी फाटक में वह काम करता है। उनके तीन बच्चे हैं। विजय से बड़ा एक लड़का व छोटी एक लड़की है।
जिले में डायरिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पांच माह में डायरिया से 14 की मौत हो चुकी है वहीं शुक्रवार को पांच वर्षीय बच्चे की भी उल्टी-दस्त से मौत हो गई। डायरिया से मरने वालों की संख्या अब 15 हो गई है। डायरिया से मरने वाले में एक से 10 साल तक के 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चा सैनी कॉलोनी का रहने वाला है।
जिले में जून से अब तक डायरिया से 15 की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर बच्चे है जो उल्टी-दस्त से ग्रस्त होकर मौत का शिकार बन रहे हैं। स्वास्थ्य व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग केवल डोजर लगाने व पानी के नमूने लेने तक सीमित रह गया है और डायरिया लगातार फैल रहा है। शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल में उल्टी-दस्त से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चे का पिता रजनीश ने बताया कि वीरवार रात नौ बजे उसके बेटे विजय ( पांच साल ) को एक उल्टी-दस्त हुए।
जिसके बाद उसे दवा दी तो उसे आराम हो गया और वह सो गया। रात तीन बजे उसे दोबारा उल्टी-दस्त हुए। ज्यादा होने पर उसे नजदीकी तीन-चार अस्पताल लेकर गया लेकिन कहीं भी उसे इलाज व भर्ती करने से मना कर दिया। तब वह उसे जिला नागरिक अस्पताल लेकर गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रजनीश ने बताया कि वे मूलरूप से नवरसा नजला शाहजहांपुर (यूपी) के रहने वाले हैं। पिछले दो साल से सैनी काॅलोनी में रह रहे हैं। कच्चा काबड़ी फाटक में वह काम करता है। उनके तीन बच्चे हैं। विजय से बड़ा एक लड़का व छोटी एक लड़की है।
अधिकारी के अनुसार
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार पानी के नमूने ले रही हैं। नमूने फेल आने पर वहां टीम जाकर सर्वे कर रही है और पानी की समस्या हो हल करवाया जा रहा है।