Rahul Gandhi vs BJP: “संविधान चिल्लाने से नहीं चलेगा, सुरक्षा भी ज़रूरी” — भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार

स्वदेशी टाइम्स, नई दिल्ली : राहुल गांधी की वोट चोरी के नए आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा ने कहा कि राहुल को कानून के बारे में कुछ नहीं पता है। वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी नहीं समझते हैं। आरोपों पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘क्या राहुल गांधी संविधान को समझते हैं? वह सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए। क्या उन्होंने कोई दांव लगाया? वह कानून या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को नहीं समझते हैं। वह केवल ‘संविधान, संविधान’ चिल्लाते हैं। मुख्य बात स्पष्ट है। अगर राहुल गांधी को वोट नहीं मिलते हैं, तो हम क्या कर सकते हैं? देश उनके कार्यों को कभी नहीं भूलेगा। वह विपक्ष के नेता हैं। उनके कुछ मूल्य होने चाहिए। वह देश के मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं। जनता उन्हें फिर से करारा जवाब देगी। उनके सभी बम धराशायी हो जाएंगे। वह किसी पर भरोसा नहीं करते। मैं इसकी निंदा करता हूं।’

‘ज्यादातर नकारात्मक शब्दों का ही इस्तेमाल करते हैं’
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा, ‘वह दुनिया के पहले नेता हैं, जो अपने ही देश पर परमाणु बम या हाइड्रोजन बम गिराना चाहते हैं। अगर उनकी नीयत अच्छी होती, तो वे बेहतर शब्दों का इस्तेमाल करते। वह ज्यादातर नकारात्मक शब्दों का ही इस्तेमाल करते हैं।’
‘बिहार में जनता आपको फिर से दरकिनार कर देगी’
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, ‘कोई कितना हताश हो सकता है? आप विपक्ष के नेता हैं। आप दिखावे के लिए संविधान की किताब नहीं लहरा सकते। आपको ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग, ईवीएम और जनता पर भरोसा नहीं है। आप ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। यही वजह है कि जनता आपको गंभीरता से नहीं लेती। आप तीन बार हारे और अब आप अपनी भड़ास चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं। बिहार में जनता आपको फिर से दरकिनार कर देगी।’

‘गरजने वाले बादल बरसते नहीं’
लोकसभा में विपक्ष के नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, ‘जिस तरह राहुल गांधी ने पूरे देश को भ्रमित करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा कि वे ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ेंगे, लेकिन जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो उन्होंने कहा, आज वे हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे। इससे पता चलता है कि गरजने वाले बादल बरसते नहीं। एक तरफ वे ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं और दूसरी तरफ हाइड्रोजन बम की।’

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