- ताजे फूल (गेंदे, गुलाब, रजनीगंधा, या जो भी उपलब्ध हों)
- मजबूत लकड़ी/प्लास्टिक का छोटा बॉक्स या डोलची
- लोहे का पतला तार
- सुई और धागा
- चुनरी या नेट का कपड़ा
- रुई या छोटा गद्दा (लड्डू गोपाल के बैठने के लिए)
- लटकाने के लिए रस्सी, दुपट्टा या डोरी
- सजावट के लिए मोती, लेस, लाइट्स (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
पालना तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले पालने का बेस तैयार करना है। उसके लिए एक मजबूत टोकरी लें। अब यदि आप अपने पालने में ऊपर की तरफ हैंडल भी बनाना चाहते हैं तो टोकरी में तार को ऐसे फिट करें, जिसे आप आसानी से उठा सकें। तार को सही से फिट करने के लिए दोनों साइड से मोड़ दें, ताकि जब आप इसे सजााएं तो ये अजीब न लगे।
सांचा तैयार करने के बाद बारी आती है इसे फूलों से सजाने की तो उसके लिए सबसे पहले तो फूलों की माला बना लें। ये माला गुलाब के साथ-साथ गेंदे के फूल की भी हो सकती है। माला बनाने के बाद पालने के चारों ओर फूलों की माला लपेटें या चिपकाएं।
जो तार ऊपर की साइड लगाया है उपर भी गोल-गोल करके माला लपेटें और इसे चिपकाते भी चलें, ताकि ये हटे नहीं। अगर आप चाहें तो ऊपर तार पर नेट का कपड़ा डाल सकते हैं, ताकि ये देखने में छतरीनुमा लगे और पालना ऊपर से पूरी तरह ढक जाए. आगे की साइड से इसे खुला ही रहने दें। इसके बाद इट्स, मोती या लेस से सजावट करें। बस आखिर में पालने के बीच में छोटा सा गद्दा बिछाएं। अब आपका पालना लड्डू गोपाल के लिए तैयार है तो अपने लड्डू गोपाल को स्नान कराकर पालने में विराजमान करें और उनकी पूजा करें।