भगवान श्रीकृष्ण को क्यों अर्पित किए जाते हैं विशेष भोग?

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स्वदेशी टाइम्स, धर्म डेस्क: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण को उनके प्रिय भोग अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ था और भक्त उनकी जन्मलीला का उत्सव भक्ति-भाव से मनाते हैं। नारद पुराण के अनुसार जन्माष्टमी के समान तीनों लोकों में कोई दूसरा व्रत नहीं है,जिसके करने से करोंङों एकादशियों का फल प्राप्त हो जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्री कृष्ण को उनके प्रिय भोग अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य तथा सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। आइए जानते हैं वे आठ विशेष भोग जिन्हें जन्माष्टमी पर अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है—

1. माखन-मिश्री
श्री कृष्ण को बाल्यकाल से ही माखन अत्यंत प्रिय है। पौराणिक कथाओं में उनका ‘माखन-चोर’ स्वरूप प्रसिद्ध है। जन्माष्टमी पर सफेद माखन में मिश्री मिलाकर चांदी के पात्र में  अर्पित करने से घर में आनंद और ऐश्वर्य बढ़ता है तथा परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बना रहता है।

2. पंजीरी
धार्मिक मान्यता है कि पंजीरी का भोग श्री कृष्ण की बाल्य लीलाओं में विशेष स्थान रखता है। आटे, घी, मिश्री और सूखे मेवों से बनी पंजीरी अर्पित करने से संतानों की रक्षा होती है और स्वास्थ्य संबंधी कष्ट दूर होते हैं।

3. दूध से बनी मिठाइयाँ
जन्माष्टमी पर बर्फी, रसगुल्ला, रस मलाई जैसी दूध से बनी मिठाइयाँ चढ़ाने का विशेष महत्व है। यह भोग सुख-समृद्धि और परिवार में शांति लाने वाला माना जाता है।

4. धनिया पंजीरी
कई स्थानों पर जन्माष्टमी पर व्रत रखने वाले भक्त भगवान को धनिया पंजीरी का भोग अर्पित करते हैं। यह भोग व्रत में भी सेवन योग्य है और इसे चढ़ाने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
5. पंचामृत
पंचामृत दूध, दही, शहद, घी और बूरा से मिलकर बनता है। इसे श्री कृष्ण के अभिषेक के बाद भोग स्वरूप अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि पंचामृत से अभिषेक और भोग लगाने से पापों का नाश होता है और जीवन में पुण्य की वृद्धि होती है।

6. माखन-शक्कर से भरे लड्डू
माखन, शक्कर और सूखे मेवों से बने लड्डू भगवान को अर्पित करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। यह भोग विशेष रूप से बच्चों के लिए भी मंगलकारी माना जाता है।

7. फल और मेवे
पौराणिक मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी पर मौसमी फल और मेवे अर्पित करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और परिवार में स्वास्थ्य लाभ मिलता है। खासकर अंगूर, केला और सेव भगवान को प्रिय माने जाते हैं।

8. तुलसी दल
श्री कृष्ण के सभी भोगों में तुलसी दल अवश्य रखा जाता है। तुलसी को भगवान का अति प्रिय माना गया है। बिना तुलसी के भोग अधूरा है। मान्यता है कि तुलसी दल अर्पित करने से भगवान अति प्रसन्न होकर भक्त की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं।

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