Tripura में BSF जवानों पर हमला, हथियार छीनने की कोशिश और सरकारी वाहन में तोड़फोड़; 8 आरोपी गिरफ्तार

स्वदेशी टाइम्स , अगरतला : त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले का मामला सामने आया है। राज्य के बॉक्सानगर क्षेत्र के आशाबाड़ी इलाके में कथित तौर पर बदमाशों के एक समूह ने बीएसएफ के तीन जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की गई और एक सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। हमले में कुछ जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। वहीं, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मामले में कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने साफ किया कि सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आशाबाड़ी में BSF के तीन जवानों पर हमला

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह बॉक्सानगर के आशाबाड़ी इलाके में कथित उपद्रवियों के एक समूह ने बीएसएफ के तीन जवानों को निशाना बनाया। हमलावरों ने जवानों के साथ मारपीट की, जिससे कुछ जवान घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि हमले के दौरान आरोपियों ने जवानों के हथियार छीनने का भी प्रयास किया। इसके अलावा मौके पर मौजूद एक सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

आठ आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आशाबाड़ी में बीएसएफ जवानों पर हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की

माणिक साहा ने बीएसएफ जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों पर हमला गंभीर चिंता का विषय है और ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षाकर्मी सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं तथा उनके साथ हिंसा करने वालों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में भरोसा दिलाया कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

बीएसएफ जवानों पर हमले, हथियार छीनने की कोशिश और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही है।