Rampur में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; एक आरोपी फरार, नानकमत्ता से जुड़े तार
स्वदेशी टाइम्स , रामपुर : उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शिवापुरम स्थित एक खंडहर में छापेमारी कर पुलिस ने कथित अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनका एक साथी फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने घटनास्थल से कई तैयार और अधबने हथियारों के साथ उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार उत्तराखंड के नानकमत्ता से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने की छापेमारी
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह के मुताबिक, जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और उनकी सप्लाई पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से शिवापुरम स्थित एक खंडहर में अवैध हथियार बनाए जाने की सूचना मिली।
सूचना के आधार पर 29 अक्टूबर को सिविल लाइंस थाना पुलिस, स्वाट, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से भाग निकला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, तीसरे की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीमनगर थाना क्षेत्र के खिमौतिया खेड़ा निवासी वीर सिंह और खिमौतिया बख्ती निवासी बनवारी लाल के रूप में हुई है। वहीं, मिलक खानम थाना क्षेत्र के पिपलिया जट निवासी शाहिद पुत्र अब्दुल वाहिद फरार बताया जा रहा है।
पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हथियार बनाने तथा उनकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
बंदूक, राइफल और तमंचों समेत हथियार बनाने के उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। बरामदगी में एक सिंगल बैरल 12 बोर बंदूक, दो .315 बोर की देसी राइफल, एक अधबनी .315 बोर बंदूक, .315 बोर के पांच तमंचे और 12 बोर के तीन तमंचे शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस को 12 बोर और .315 बोर के जिंदा कारतूस व खोखे भी मिले हैं। हथियारों के निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़े, लोहे की नाल, पाइप, रेती, कटर और अन्य औजार शामिल हैं।
मौके से एक ऐसी बंदूक भी मिली है, जो देखने में लाइसेंसी हथियार जैसी लग रही है, लेकिन उसका नंबर घिसा हुआ है। पुलिस इस हथियार की पहचान और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
शाहिद के जरिए हथियार बेचने का दावा, नानकमत्ता तक पहुंची जांच
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर अवैध हथियार तैयार करते थे और फरार आरोपी शाहिद के माध्यम से उनकी बिक्री करते थे। पुलिस का कहना है कि इस गतिविधि से आरोपी अवैध रूप से धन अर्जित कर रहे थे।
जांच के दौरान इस नेटवर्क के तार उत्तराखंड के नानकमत्ता से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई के ठिकानों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ हथियार बनाने के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। बरामद हथियारों, कारतूसों और उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।