Pithoragarh में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 शुरू, माइनस 7 डिग्री में 1100 धावक दिखा रहे दमखम;

स्वदेशीटाइम्स, पिथौरागढ़ : उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 का शुभारंभ हो गया है। शनिवार, 24 अक्टूबर को पिथौरागढ़ की व्यास घाटी में आयोजित इस प्रतियोगिता में 26 राज्यों के करीब 1100 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। लगभग 4500 मीटर की ऊंचाई और माइनस 7 डिग्री तापमान जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धावक अपनी सहनशक्ति और फिटनेस का प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रतियोगिता में 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन और 42 किलोमीटर की मैराथन सहित अलग-अलग दूरी की दौड़ आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताएं भी इस आयोजन का हिस्सा हैं। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

जौलिंगकोंग से शुरू हुई 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन

आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 की शुरुआत शनिवार सुबह 6:30 बजे हुई। 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन को जौलिंगकोंग से हरी झंडी दिखाई गई, जबकि 42 किलोमीटर की मैराथन की शुरुआत गुंजी से हुई। दोनों प्रतियोगिताओं का समापन गुंजी में होना निर्धारित है।

कड़ाके की ठंड के बीच सुबह-सुबह धावकों ने दौड़ लगानी शुरू की। ऊंचाई पर कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह प्रतियोगिता प्रतिभागियों के लिए शारीरिक सहनशक्ति की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

26 राज्यों के 1100 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा

इस आयोजन में देश के 26 राज्यों से आए लगभग 1100 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। शनिवार को 70 और 42 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई, जबकि रविवार, 25 अक्टूबर को 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन और 10 तथा 5 किलोमीटर की दौड़ प्रस्तावित हैं।

दौड़ के साथ-साथ 25 और 50 किलोमीटर की माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इससे धावकों और साइकिलिंग के शौकीनों को सीमांत क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

4500 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ना बड़ी चुनौती

आदि कैलाश और गुंजी क्षेत्र में आयोजित यह प्रतियोगिता अपनी ऊंचाई और मौसम के कारण खास है। लगभग 4500 मीटर की ऊंचाई पर वायुमंडलीय दबाव कम होने के कारण शरीर को मिलने वाली ऑक्सीजन की उपलब्धता घट जाती है। ऐसे में धावकों को सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द और उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

इन परिस्थितियों में दौड़ पूरी करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ उचित प्रशिक्षण, अनुकूलन और सुरक्षा प्रबंध भी जरूरी हैं। यही वजह है कि आदि कैलाश परिक्रमा रन को सामान्य मैराथन से अलग और चुनौतीपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।

70 और 42 किलोमीटर की दौड़ में लाखों के पुरस्कार

प्रतियोगिता में धावकों को प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि रखी गई है। जानकारी के अनुसार, 70 किलोमीटर की दौड़ के लिए कुल 23.50 लाख रुपये और 42 किलोमीटर की मैराथन के लिए 11.20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

इन प्रतियोगिताओं में महिला और पुरुष प्रतिभागियों के साथ अलग-अलग आयु वर्गों को भी शामिल किया गया है। 21, 10 और 5 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों के लिए भी पुरस्कार रखे गए हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी सीमांत क्षेत्र की विरासत

मुख्य प्रतियोगिता से पहले 23 अक्टूबर की शाम गुंजी में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में पहुंचे प्रतिभागियों और अन्य लोगों का उत्साह बढ़ाया। खेल और संस्कृति के इस संगम के जरिए सीमांत क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच देने का प्रयास किया गया।

26 अक्टूबर तक चलेंगी प्रतियोगिताएं, पर्यटन को बढ़ावा देने की उम्मीद

आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 से पिथौरागढ़ की व्यास घाटी में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आयोजन के जरिए आदि कैलाश, गुंजी और आसपास के सीमांत क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन संभावनाओं को देशभर में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

विभिन्न दूरी की दौड़ और माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से अलग-अलग वर्गों के प्रतिभागियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है। ये प्रतियोगिताएं 26 अक्टूबर तक चलेंगी। कार्यक्रम के तहत रविवार, 25 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भी क्षेत्र पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है।

धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय संस्कृति और साहसिक खेलों को एक साथ जोड़ने वाला यह आयोजन उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।