Dehradun में दशहरे पर जलेगा 181 फीट ऊंचा रावण, रिमोट से होगा दहन; सुरक्षा के लिए बदला एंट्री रूट

स्वदेशी टाइम्स , देहरादून : असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण के पुतले का दहन कर लोगों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी दशहरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में इस बार 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह अब तक का सबसे ऊंचा रावण का पुतला होगा, जिसे यहां दशहरा आयोजन के लिए तैयार किया गया है।

बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी की ओर से परेड ग्राउंड में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले खड़े कर दिए गए हैं। इसके साथ ही भव्य लंका भी तैयार की जा रही है। आयोजन को खास बनाने के लिए इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। रावण के पुतले का दहन रिमोट के जरिए किया जाएगा। वहीं, हर साल उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए शोभायात्रा के प्रवेश मार्ग में भी बदलाव किया गया है।

इस बार 181 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला

देहरादून के परेड ग्राउंड में हर साल दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं। पिछले साल यहां 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला लगाया गया था, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों की ऊंचाई क्रमशः 70 और 75 फीट बताई गई थी।

इस बार आयोजन को और भव्य बनाने के लिए रावण के पुतले की ऊंचाई बढ़ाकर 181 फीट कर दी गई है। वहीं, कुंभकर्ण और मेघनाथ के 70-70 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए गए हैं। आयोजन स्थल पर लंका का भव्य स्वरूप भी तैयार किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को आकर्षक दृश्य देखने को मिल सके।

दशहरा आयोजन पर खर्च होंगे करीब 21 लाख रुपये

बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी की ओर से इस बार आयोजन पर करीब 21 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पिछले साल दशहरा महोत्सव के आयोजन पर लगभग 16 लाख रुपये खर्च हुए थे। इस बार रावण के पुतले की बढ़ी हुई ऊंचाई, लंका की सजावट और अन्य व्यवस्थाओं को आयोजन की खास तैयारियों में शामिल किया गया है।

दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल ने बताया कि इस साल रावण का 181 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है। कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों की ऊंचाई 70-70 फीट रखी गई है। उन्होंने बताया कि इस बार लंका को भी भव्य रूप दिया जा रहा है।

कालिका मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा

दशहरा महोत्सव के तहत शोभायात्रा की शुरुआत कालिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद होगी। इसके बाद शोभायात्रा पलटन बाजार, मोती बाजार और चकराता रोड से होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी।

हर साल शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी शामिल होते हैं। इसके चलते बाजारों और आयोजन स्थल के आसपास भीड़ बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

तिब्बती मार्केट गेट से होगी शोभायात्रा की एंट्री

परेड ग्राउंड में दशहरा देखने के लिए हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। भीड़ को व्यवस्थित रखने और लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए इस बार शोभायात्रा के प्रवेश मार्ग में बदलाव किया गया है।

दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल के अनुसार, पहले शोभायात्रा की एंट्री दून क्लब के सामने से होती थी, लेकिन इस बार शोभायात्रा तिब्बती मार्केट के गेट से परेड ग्राउंड में प्रवेश करेगी।

इसके अलावा, मैदान के प्रत्येक गेट पर पुलिस प्रशासन की टीम के साथ दशहरा कमेटी की ओर से भी बाउंसर तैनात किए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

रिमोट से होगा रावण के पुतले का दहन

इस बार दशहरा महोत्सव में तकनीक का इस्तेमाल भी देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, रावण के पुतले का दहन रिमोट के जरिए किया जाएगा। पुतले में आठ बम लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट से ब्लास्ट किया जाएगा।

आयोजकों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयर और विधायक रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले में लगे बमों को सक्रिय करेंगे। हालांकि, इस प्रक्रिया का संचालन सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाना जरूरी होगा।

आतिशबाजी में इको-फ्रेंडली पटाखों के इस्तेमाल का दावा

दशहरा पर्व पर रावण दहन के दौरान आतिशबाजी भी आकर्षण का प्रमुख हिस्सा होती है। हालांकि, पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी सामने आती रही हैं।

इस संबंध में संतोख नागपाल ने बताया कि आयोजन के दौरान इको-फ्रेंडली पटाखों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। आयोजन में नई तकनीक को शामिल करने के साथ पर्यावरण के प्रभाव को ध्यान में रखने की बात भी कही गई है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर रहेगा जोर

परेड ग्राउंड में हर साल दशहरा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था आयोजन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इस बार शोभायात्रा के प्रवेश मार्ग में बदलाव और विभिन्न गेटों पर पुलिसकर्मियों के साथ बाउंसरों की तैनाती की योजना बनाई गई है।

181 फीट ऊंचे रावण के पुतले, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों, भव्य लंका और रिमोट से दहन की व्यवस्था के कारण इस बार देहरादून का दशहरा महोत्सव खास रहने की उम्मीद है। आयोजन के जरिए लोगों को एक बार फिर सत्य की जीत और बुराई के अंत का संदेश दिया जाएगा।