Haldwani शुद्धीकरण विवाद पर राहुल गांधी का BJP- RSS पर हमला, बोले- ‘ये संविधान के मुताबिक अपराध है’
स्वदेशी टाइम्स, देहरादून : Haldwani में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के शुद्धीकरण को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दलित नेताओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है और ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने BJP-RSS पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत में इस तरह की प्रथा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोग दलितों को लेकर भेदभावपूर्ण सोच रखते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किसी दलित व्यक्ति के सफल होने पर उसके खिलाफ उतनी ही ताकत से हमला किया जाता है।
राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस के नेता टीकाराम जूली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का उदाहरण देते हुए ऐसे मामलों का जिक्र किया।
FIR दर्ज करने की मांग
राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बोलना चाहिए और कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में मुद्दा उठाए जाने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। राहुल गांधी ने इसे बीजेपी और आरएसएस की कथित मानसिकता से जोड़ते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।
महेंद्र भट्ट ने शुद्धीकरण को ठहराया था सही
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इससे पहले हल्द्वानी शुद्धीकरण को सही ठहराया था। उनका कहना था कि रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जो मैदान की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे।
महेंद्र भट्ट ने कहा था कि अगर कार्यक्रम के बाद मैदान का शुद्धीकरण किया गया तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप भी लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से उस मंच का शुद्धीकरण यज्ञ किया गया, जहां से खड़गे ने भाषण दिया था।
न्यास की ओर से दावा किया गया कि रामलीला मैदान एक सांस्कृतिक मंच है और रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जिन्हें वहां नहीं लगाया जाना चाहिए था। संगठन ने इसी वजह से मंच का शुद्धीकरण करने की बात कही।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मंच के शुद्धीकरण के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया। अब राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस इस घटना को सामाजिक भेदभाव से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी की ओर से इसे रामलीला मैदान की मर्यादा से जुड़ा मामला बताया गया है। ऐसे में हल्द्वानी का यह विवाद आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में और गरमा सकता है।