Rahul Gandhi का PM मोदी, अमित शाह और चुनाव आयुक्त पर हमला, बोले- वोट चोरी के आरोप पर केस करने से क्यों डर रही सरकार?

स्वदेशी टाइम्स , पणजी : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गोवा के मडगांव में आयोजित जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन आरोपों को लेकर उनके खिलाफ नया मानहानि का मामला दर्ज नहीं किया जा रहा, क्योंकि सरकार को कानूनी प्रक्रिया का सामना करने का डर है।

राहुल गांधी ने इस दौरान गोवा की भाजपा सरकार पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने राज्य को भ्रष्टाचार के मामले में देश के सबसे खराब राज्यों में शामिल होने की बात कही। उनका यह बयान कांग्रेस की ‘गोय राखण यात्रा’ के समापन कार्यक्रम के दौरान आया। कांग्रेस इस अभियान के जरिए 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

‘वोट चोरी के आरोप पर मेरे खिलाफ केस क्यों नहीं करते पीएम मोदी?’

मडगांव क्रिकेट क्लब मैदान में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर वोटों की चोरी की प्रक्रिया को लागू करते हैं, अमित शाह इसे संचालित करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से पूरी योजना तैयार करते हैं।

राहुल गांधी ने दावा किया कि वह पहले से ही 45 से अधिक मानहानि के मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इनमें से कई मामले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य लोगों की ओर से दायर किए गए हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह लगातार वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, तो इस विशेष आरोप को लेकर उनके खिलाफ नया मामला क्यों दर्ज नहीं कराया जा रहा। राहुल गांधी का दावा था कि यदि यह मामला अदालत तक पहुंचता है, तो इससे ऐसी कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसमें आरोप लगाने और उनका जवाब देने से जुड़े कई पहलुओं की जांच होगी।

गौरतलब है कि वोट चोरी को लेकर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक विवाद का विषय रहे हैं। इन आरोपों को यहां राहुल गांधी के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

‘ज्ञानेश कुमार को रात में चैन नहीं मिलता’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए चुनाव व्यवस्था पर हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे ज्ञानेश कुमार को रात में चैन नहीं मिलता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं।

राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, वोटों की कथित चोरी संविधान पर हमला है और कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करती रहेगी और पार्टी की ओर से न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। राहुल गांधी के इस बयान से एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

गोवा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप

जनसभा में राहुल गांधी ने गोवा की भाजपा सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि गोवा को भ्रष्टाचार का मॉडल बना दिया गया है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि गोवा पूरे देश में सबसे भ्रष्ट राज्य हो सकता है।

उनके बयान का केंद्र राज्य में शासन और प्रशासन से जुड़े मुद्दे रहे। कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गोवा सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच सवाल उठा रही है।

हालांकि, गोवा को देश का सबसे भ्रष्ट राज्य बताना राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है। इस दावे की पुष्टि के लिए स्वतंत्र और प्रमाणित आंकड़ों या किसी आधिकारिक निष्कर्ष का संदर्भ जरूरी होगा।

‘गोय राखण यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए राहुल गांधी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधने से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस की ‘गोय राखण यात्रा’ यानी ‘गोवा बचाओ यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

राहुल गांधी दोपहर में डाबोलिम हवाई अड्डे पहुंचे। इसके बाद वह मडगांव गए, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब दो किलोमीटर पैदल मार्च किया।

इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे, सह-प्रभारी डॉ. अंजली निंबालकर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ और गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

यात्रा के समापन कार्यक्रम को कांग्रेस ने राज्य में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में पेश किया।

27 दिनों तक चली यात्रा, सभी 40 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंची कांग्रेस

यूरी अलेमाओ और गिरीश चोडनकर के नेतृत्व में शुरू हुई ‘गोय राखण यात्रा’ 22 सितंबर से चली और 27 दिनों के अभियान के दौरान गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों को कवर किया गया।

कांग्रेस के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य गोवा की जमीन, पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और राज्य की विशिष्ट सामाजिक पहचान की रक्षा करना है। पार्टी ने इसे केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों और स्थानीय पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला अभियान बताया।

यात्रा के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की रणनीति के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की। पार्टी का लक्ष्य राज्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ जनसमर्थन जुटाना है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की तैयारी

गोवा में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में ‘गोय राखण यात्रा’ को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों तक पहुंचने के बाद कांग्रेस अब स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के आरोपों और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को चुनावी चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी की जनसभा में केंद्र सरकार और गोवा की भाजपा सरकार पर किए गए हमले इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस यात्रा के जरिए मिले राजनीतिक समर्थन को संगठनात्मक मजबूती और चुनावी प्रदर्शन में कितना बदल पाती है। वहीं, राहुल गांधी के वोट चोरी से जुड़े आरोपों और गोवा सरकार पर भ्रष्टाचार के दावों को लेकर भाजपा तथा संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक बहस को प्रभावित कर सकती है।

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