Surendra Koli मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, फांसी से दम घुटने की पुष्टि
स्वदेशी टाइम्स, हरिद्वार : Surendra Koli निठारी कांड से चर्चा में आए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार के भूपतवाला में हुई मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस के मुताबिक, रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी के बाद दम घुटना यानी Asphyxial Death बताया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका को खारिज किया है, हालांकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को सुरेंद्र कोली ने रस्सी से फांसी लगाई थी। फंदा गले में कसने के बाद उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद रस्सी टूटने से शव जमीन पर गिर गया। घटना के बाद उसकी नाक से खून निकलने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी।
पुलिस का कहना है कि फांसी के बाद शरीर में दबाव और ब्लड प्रेशर से नाक या मुंह से खून निकलना संभव है। इसे अपने आप में हत्या का आधार नहीं माना जा सकता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हैंगिंग और दम घुटना बताया गया है।
सदाराम के नाम से रह रहा था सुरेंद्र कोली
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कोली कुछ महीने पहले ही हरिद्वार आया था। वह मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के मंगरुखाल गांव का रहने वाला था। उसके दो भाई हैं, जिनमें एक दिल्ली में नौकरी करता है, जबकि दूसरा अल्मोड़ा में शिक्षक है।
सुरेंद्र के एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि उसका बेटा दिल्ली में अपने ताऊ के साथ रहता है।
मौत के बाद सुरेंद्र की जेब से आधार कार्ड और एक अन्य पहचान पत्र मिला था। आधार कार्ड में उसका नाम सुरेंद्र कोली और पता नोएडा दर्ज था, जबकि दूसरे पहचान पत्र में नाम सदाराम लिखा था। जांच में सामने आया कि सदाराम उसके गांव से जुड़ा नाम था।
हरिद्वार आने के बाद वह कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर सदाराम नाम से रह रहा था। कुछ समय पहले उसने रोशनाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी की थी। घटना से करीब चार दिन पहले ही उसने भूपतवाला में मंदिर के सामने किराए पर चाय की दुकान शुरू की थी।
परिजनों ने जताई थी हत्या की आशंका
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद उसके परिजनों ने आत्महत्या की बात पर सवाल उठाते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी। परिजनों ने शव की स्थिति और नाक-मुंह से खून निकलने को लेकर अनहोनी की आशंका जताई थी।
परिजनों की ओर से पुलिस को एक शिकायती पत्र भी दिया गया था, जिसमें स्थानीय स्तर पर साजिश के तहत हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फांसी के फंदे से दम घुटने को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस का कहना है कि शव के नीचे गिरने और शरीर में ब्लड प्रेशर से नाक-मुंह से खून आने की संभावना हो सकती है।
पुलिस ने कहा- जांच अभी जारी है
नगर कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा के मुताबिक, सुरेंद्र कोली की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कौन था सुरेंद्र कोली ?
सुरेंद्र कोली नोएडा के चर्चित निठारी कांड के कारण देशभर में चर्चा में आया था। वह नोएडा के निठारी गांव में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी में खाना बनाने का काम करता था।
2005-06 के दौरान निठारी इलाके से कई बच्चों और युवतियों के लापता होने के मामले सामने आए थे। जांच के दौरान पंढेर की कोठी के पीछे स्थित नाले से 19 कंकाल बरामद किए गए थे। इस मामले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया। गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने 2009 में दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।
इसके बाद मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े अंतिम लंबित मामले में भी दोनों को बरी कर दिया था।