Uttarakhand में जल्द लागू होगी निकाहनामा व्यवस्था! 2-3 महीने में तैयार होगा प्रारूप

स्वदेशी टाइम्स, देहरादून : Uttarakhand सरकार राज्य में निकाहनामा व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले कानूनी, प्रशासनिक और धार्मिक पक्षों से जुड़े हितधारकों से सुझाव ले रही है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास के मुताबिक, निकाहनामे का प्रारूप अगले 2 से 3 महीने में तैयार होने की उम्मीद है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निकाहनामे को विवाह से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें वर-वधू की पहचान, धर्म एवं मत, निकाह की तारीख, मौलवी का पंजीकरण नंबर और गवाहों से जुड़ी जानकारी दर्ज करने का प्रस्ताव है।

निकाह के पंजीकरण पर सरकार का जोर

सरकार निकाहनामा और निकाह पंजीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त मौलवियों के माध्यम से होने वाले निकाह का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

इसके साथ ही विवाह से जुड़ी जानकारी को स्थानीय प्रशासन के रिकॉर्ड के साथ यूसीसी पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था विकसित किए जाने की बात कही जा रही है। इसका उद्देश्य विवाह से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित पक्षों की जानकारी का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है।

प्रस्तावित व्यवस्था में बिना पंजीकृत निकाहनामे वाले विवाहों को स्वीकार न किए जाने का प्रावधान भी चर्चा में है। हालांकि, अंतिम नियम और प्रक्रिया प्रारूप को मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

अंतरधार्मिक विवाहों पर भी पड़ सकता है असर

निकाह के लिए पंजीकरण और दस्तावेजी प्रक्रिया को अनिवार्य बनाने से अंतरधार्मिक विवाहों से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है। सरकार की ओर से दूल्हा-दुल्हन की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और विवाह का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि पहचान, निवास और विवाह संबंधी दस्तावेजों में होने वाली गड़बड़ियों के कारण कई बार सामाजिक और कानूनी विवाद सामने आते हैं। व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होने से पारिवारिक विवादों, संपत्ति से जुड़े दावों और बच्चों से संबंधित कानूनी मामलों में दस्तावेजी स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञ समिति तैयार करेगी प्रारूप

निकाहनामा व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। यूसीसी का मसौदा तैयार करने वाली विशेषज्ञ समिति को निकाहनामे का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति निकाहनामे के प्रारूप के साथ-साथ पंजीकरण प्रक्रिया और मौलवियों के पंजीकरण से जुड़े प्रावधानों पर भी मंथन कर रही है। सरकार का कहना है कि सभी जरूरी पहलुओं पर सहमति बनने के बाद ही अंतिम व्यवस्था सामने रखी जाएगी।

मंत्री बोले- जल्द सामने आएगा प्रारूप

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना सरकार की महत्वपूर्ण पहल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य देश में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य रहा है और इसकी चर्चा अन्य राज्यों में भी हो रही है।

मंत्री के मुताबिक, निकाहनामा व्यवस्था को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। प्रारूप तैयार करने के लिए समिति गठित की जा चुकी है और अगले 2 से 3 महीने में ड्राफ्ट तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया और अंतिम नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।