अब केरल का नाम बदलकर होगा केरलम, केंद्रीय कैबिनेट ने 12,236 करोड़ के विभिन्न प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी

स्वदेशी टाइम्स, नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए पीएम कार्यालय सेवा तीर्थ में हुई पहली कैबिनेट बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी।

बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 12,236 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इस बड़े निवेश का मुख्य हिस्सा रेलवे और शहरी परिवहन के विस्तार पर केंद्रित है, जिसमें गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए सबसे अधिक 5,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा, रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए पुनरख-किऊल की तीसरी और चौथी लाइन के लिए 2,668 करोड़ रुपये तथा गम्हरिया-चांडिल की तीसरी व चौथी लाइन के लिए 1,168 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विमानन और शहरी यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से श्रीनगर में 1,667 करोड़ रुपये की लागत से एक नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण और अहमदाबाद मेट्रो के फेज 28 के विस्तार (1,067 करोड़ रुपये) को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है।
वित्तीय आवंटन के अलावा, कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत और कृषि संबंधी फैसलों पर भी मुहर लगाई है। एक प्रमुख नीतिगत फैसले के तहत, राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए नए पावर सेक्टर रिफॉर्म्स को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र और किसानों को वित्तीय सुरक्षा देते हुए, कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसके लिए 430 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। पिछली बैठक 13 फरवरी को हुई थी, जो साउथ ब्लॉक के पुराने पीएम कार्यालय में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुराने कार्यालय में आखिरी बैठक में प्रधानमंत्री ने कई यादें साझा कीं।
पीएम मोदी ने पिछली बैठक में पुरानी यादें साझा की

  • प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को बताया कि देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू को पहली चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में करनी पड़ीं थी। प्रधानमंत्री ने बताया कि साउथ ब्लॉक के कार्यालय में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पहले चार बड़े युद्धों के लिए रणनीति भी साउथ ब्लॉक के वार रूम में बनाई गई।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी साप्ताहिक कैबिनेट बैठकों में सिर्फ एजेंडा पर ही बात नहीं करते बल्कि पूरे सप्ताह चर्चा में रहने वाली अहम बातों पर भी चर्चा करते हैं और मंत्रियों से भी फीडबैक लेते हैं।

अच्छी खबर की जाएगी साझा

  • इस दौरान प्रधानमंत्री उम्मीद करते हैं कि सभी लोग कुछ न कुछ अच्छी खबर भी बताएं, फिर चाहे वो मंत्रालय से जुड़ी हो या फिर व्यक्तिगत।
  • सेवा तीर्थ में पहली कैबिनेट बैठक में भी उम्मीद की जा रही है कि मंत्री अच्छी खबर साझा करेंगे, जिससे बैठक में सकारात्मक माहौल बने।
  • प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई इस पहल का मकसद कैबिनेट के सभी सदस्यों को प्रेरित करना है।
  • कैबिनेट सचिवालय, जो पहले राष्ट्रपति भवन में स्थित था, उसे भी सेवा तीर्थ में शिफ्ट कर दिया गया है।
  • सेवा तीर्थ के नजदीक ही नया प्रधानमंत्री आवास भी बन रहा है।
  • निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नया संसद भवन, पीएमओ, प्रधानमंत्री कार्यालय और सभी मंत्रियों के कार्यालय भी आसपास हो जाएंगे, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट के चलते होने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

दुर्लभ खनिज क्षेत्र में सहयोग समझौतों को मंजूरी दे सकती है कैबिनेट
आज हो रही कैबिनेट बैठक में जर्मनी और कनाडा के साथ दुर्लभ खनिज क्षेत्र में सहयोग के समझौतों को मंजूरी दी जा सकती है। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता पीएम मोदी कर रहे हैं। इन समझौतों का मकसद भारत की रणनीतिक साझेदारी को विभिन्न देशों के साथ मजबूत करना और आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

जर्मनी के साथ समझौते के तहत दोनों देश जर्मनी संयुक्त तौर पर दुर्लभ खनिज का अन्वेषण करेंगे, साथ ही तकनीक ट्रांसफर भी करेंगे। भारत, आत्मनिर्भर भारत के तहत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुर्लभ खनिजों जैसे लीथियम, कोबाल्ट, निकल आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहा है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *