UGC के नए नियमों के समर्थन में छात्रों ने किया हंगामा, जमकर नारेबाजी, प्रशासन से बाहर स्वतंत्र अपील व्यवस्था
स्वदेशी टाइम्स, लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में निकाले जा रहे समता संवर्धन मार्च को पुलिस ने बीच रास्ते रोक दिया। छात्रों को जबरन गाड़ियों में बैठाया गया। जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ स्वतंत्र और प्रभावी तंत्र की मांग को लेकर छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजीसी के समर्थन में शुक्रवार को छात्रों ने हंगामा किया। अलग-अलग छात्र संगठनों ने जोरदार हंगामा किया। छात्रों की कोशिश ‘समता संवर्धन मार्च’ निकालने की थी। वो मार्च निकालते कि इससे पहले ही पुलिस ने छात्रों को घेर लिया। इस दौरान छात्र जमीन पर बैठ गए। पुलिस ने सभी को जबरन गाड़ी में बैठाया।
प्रशासन से बाहर स्वतंत्र अपील व्यवस्था
उन्होंने समयबद्ध शिकायत प्रक्रिया, विश्वविद्यालय प्रशासन से बाहर स्वतंत्र अपील व्यवस्था, शिकायतकर्ताओं को प्रताड़ना से कानूनी सुरक्षा, फेलोशिप में देरी और पक्षपातपूर्ण मूल्यांकन के लिए संस्थागत जवाबदेही, हर वर्ष भेदभाव से संबंधित आंकड़ों की सार्वजनिक रिपोर्ट तथा समय-समय पर स्वतंत्र सामाजिक समानता ऑडिट की भी मांग की।
छात्रों ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्वीकार किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों में लगभग 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। छात्रों का कहना था कि शिकायतों में इतनी वृद्धि यह साबित करती है कि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और मजबूत, स्वतंत्र तथा लागू करने योग्य तंत्र की आवश्यकता है।
