हिमालय में प्रकट हुआ दूसरा ओम पर्वत: हिमाद्रि तुंग शृंग पर कुदरत का दिव्य हस्ताक्षर
स्वदेशी टाइम्स, डीडीहाट (पिथौरागढ़) : धारचूला और मुनस्यारी के मध्य हिमालय में पर्वत की चोटी पर ओम की स्पष्ट आकृति उभर आई है। इसे हिमालय का दूसरा ओम पर्वत कहा जा रहा है। बर्फ की सफेद चादर पर उभरी यह आकृति दूर से ही आकर्षित कर रही है।
हिमालय की ऊंची चोटियों पर हुई हालिया बर्फबारी के बाद एक अद्भुत नजारा सामने आया है। धारचूला और मुनस्यारी के मध्य हिमालय में पर्वत की चोटी पर ओम की स्पष्ट आकृति उभर आई है। इसे हिमालय का दूसरा ओम पर्वत कहा जा रहा है। बर्फ की सफेद चादर पर उभरी यह आकृति दूर से ही आकर्षित कर रही है।
हिमालय में नजर आ रही ओम की यह आकृति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। शिक्षाविद डीएस पांगती का कहना है कि यह कुदरत का करिश्मा है जो प्रकृति की अद्भुत रचनात्मक शक्ति को दर्शाता है। पंडित भाष्कर चंद्र जोशी बताते हैं कि पुराणों में वर्णित आठ ओम पर्वतों में से यह एक है। मान्यता है कि कलियुग में ये ओम पर्वत धीरे-धीरे प्रकट होंगे। यह उसकी एक कड़ी हो सकती है।
मूल ओम पर्वत से बड़ी है नई आकृति
डीडीहाट से बीते मार्च में भी हिमालय में ओम जैसी आकृति नजर आई थी। तब जानकारों का कहना था कि पूर्व दिशा में दिख रही यह आकृति वास्तविक ओम पर्वत से भी बड़ी है। उस समय बर्फ कम होने के कारण इसकी रेखाएं स्पष्ट नहीं थीं लेकिन अब बर्फ जमने से ओम का आकार पूरी तरह उभर आया है।
