अखिलेश यादव को लगा करारा झटका, समाजवादी चिंतक के बेटे ने साइकिल छोड़ थामा हैंडपंप

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स्वदेशी टाइम्स, सहारनपुर : समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं आजीवन प्रदेश अध्यक्ष रहे स्व. चौ. रामशरण दास के पुत्र चौ. जगपाल दास गुर्जर के साइकिल से नाता तोड़कर रालोद का हैंडपंप चलाने के निर्णय से सपा में खलबली मची है। चौ. जगपाल दास ने सोमवार को रालोद सुप्रीमो के समक्ष पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी है।

जगपाल दास का राजनीतिक सफर

चौ. जगपाल दास का राजनीतिक सफर स्व. चौ. रामशरण दास के जीवनकाल से ही शुरू हो गया था। इसके बावजूद समाजवादी चिंतक होने के नाते चौ. रामशरण दास ने परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देते हुए जगपाल दास को राजनीति में कभी सक्रिय भूमिका नहीं निभाने दी थी।

वैसे चौ. जगपाल दास ने सरसावा विधायक निर्भयपाल शर्मा की हत्या के बाद सरसावा विधान सभा क्षेत्र (वर्तमान में नकुड़) से उपचुनाव सपा के सिंबल पर लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। यही नहीं चौ. रामशरण दास के निधन के बाद जगपाल दास को सपा सरकार के दौरान जिलाध्यक्ष और बाद में प्रदेश उपाध्यक्ष तथा प्रदेश सचिव जैसे पदों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बावजूद जिले में सपा कोई खास कमाल नहीं कर पाई।

पार्टी छोड़ने पर सभी हैरान

समाजवादी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद भी जगपाल दास के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के परिवार से करीबी रिश्ते जगजाहिर हैं। ऐसे में जगपाल के अचानक पार्टी छोड़कर जाने से समाजवादी भी हैरान हैं। कुल मिलाकर जगपाल दास के रालोद में शामिल होने से जिले में रालोद का कुनबा बढ़ा जरूर है। देखना अब यह है कि जगपाल के रालोद में जाने से जाट-गुर्जर समीकरण लोकसभा चुनाव में क्या गुल खिलाता है।

रालोद को मिलेगी मजबूती

रालोद खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नीरपाल सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि चौ. जगपाल दास के रालोद में शामिल होने से सहारनपुर में ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल को मजबूती मिलेगी।

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