गठबंधन की तरह क्या टूट जाएगी जननायक जनता पार्टी? दुष्यंत चौटाला की बैठक में नहीं पहुंचे पांच विधायक
स्वदेशी टाइम्स, हिसार : लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में सियासी उठापटक चल रही है। मनोहर लाल ने अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही नए सीएम नायब सैनी का नाम भी सामने आ गया है। वहीं, इस सियासी उथल पुथल में बीजेपी और जेजेपी के बीच गठबंधन भी टूट चुका है।
बीजेपी और जजपा के बीच ये रहा सियासी समीकरण
साल 2019 में भाजपा ने हरियाणा में मनोहर लाल के नेतृत्व में जननायक जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। तब भाजपा को 90 सदस्यीय विधानसभा में 40 सीट मिली थी। दुष्यंत चौटाला सहित जननायक जनता पार्टी के 10 विधायक बने थे। छह निर्दलीय विधायक बने थे।
भाजपा चाहती तो छह निर्दलीयों के साथ तब सरकार बना सकती थी लेकिन सरकार के स्थायित्व के चलते जजपा के साथ गठबंधन की सरकार बनाई।
जजपा की दो सीटों की मांग को बीजेपी ने ठुकराया
अब लोकसभा चुनाव में भाजपा मोदी की गारंटी की लहर के चलते राज्य की सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला ले चुकी है लेकिन गठबंधन दल होने के नाते जजपा के लिए दुष्यंत चौटाला दो सीट की मांग कर रहे थे लेकिन भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में राज्य भाजपा नेताओं के आग्रह पर यह मांग ठुकरा दी।
इसके चलते दुष्यंत चौटाला के सामने अब स्वयं सहित जजपा के दो अन्य मंत्रियों देवेंद्र बबली और अनूप धानक के साथ सरकार से इस्तीफा देने का विकल्प था लेकिन दुष्यंत ने इसमें देरी की।
सीएम सहित पूरी कैबिनेट ने दिया इस्तीफा
इसमें मनोहर लाल जजपा मंत्रियों को बर्खास्त कर सकती थी लेकिन भाजपा ने राजनीतिक रूप से यह निर्णय लिया कि पूरी सरकार का इस्तीफा दिया जाए। मुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है।
अब मनोहर लाल दोबारा भाजपा व अन्य समान विचार वाले विधायकों के समर्थन के साथ चुने हुए विधायक दल के नेता के नाते दोबारा शाम चार बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बिहार में नीतीश कुमार ने ऐसे ही दो बार किया है।
मीटिंग में नहीं पहुंचे JJP के पांच विधायक
वहीं, हरियाणा में जननायक जनता पार्टी के 10 विधायकों में से अब पांच विधायकों का कुछ पता नहीं चल रहा है। जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने अपने दिल्ली स्थित फार्म हाउस पर विधायकों की बैठक हुई, जिसमें 10 विधायकों में से पांच विधायक ही पहुंचे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जजपा के विधायक टूट सकते हैं।
